नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में इन दिनों कई इलाकों में बुलडोजर की गूंज सुनाई दे रही है। हाल ही में मद्रासी कैंप और कालकाजी के भूमिहीन कैंप में झुग्गियों पर कार्रवाई की गई, जिस पर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई है। इसी सिलसिले में दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आप नेता आतिशी आज कालकाजी के भूमिहीन कैंप पहुंचीं, जहां उन्हें दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
झुग्गीवासियों से मिलने पहुंची थीं आतिशी
पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी उन लोगों से मिलने पहुंची थीं जिनके घर बुलडोजर से तोड़े जा रहे हैं। उन्होंने स्थानीय निवासियों से बातचीत की और उनके पक्ष में आवाज उठाई। हिरासत में लिए जाने के बाद आतिशी ने कहा,
“इन झुग्गियों को उजाड़ा जा रहा है और मुझे जेल इसलिए भेजा जा रहा है क्योंकि मैं इन गरीब परिवारों की आवाज उठा रही हूं।”
तीन दिन का अल्टीमेटम, डीडीए की कार्रवाई
दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने कालकाजी के भूमिहीन कैंप में झुग्गियों को खाली करने के आदेश जारी कर दिए थे। झुग्गीवासियों को तीन दिन के भीतर जगह खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया था। इससे पहले डीडीए ने सुरक्षा बलों की भारी तैनाती के बीच घरों पर नोटिस चस्पा किए थे।
कोर्ट ने याचिकाएं खारिज की थीं
गौरतलब है कि दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में भूमिहीन कैंप से जुड़ी सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया था, जिससे यह स्पष्ट हो गया था कि क्षेत्र में जल्द ही अतिक्रमण हटाओ अभियान चलेगा।
राजनीतिक बयानबाज़ी तेज
इस पूरे घटनाक्रम के बाद विपक्ष ने सरकार पर हमला तेज कर दिया है। आतिशी की हिरासत को लेकर आम आदमी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों ने प्रशासन पर जनविरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।
अब देखना होगा कि इस बुलडोजर कार्रवाई और उसके विरोध में उठ रही आवाजों के बीच सरकार और प्रशासन क्या रुख अपनाते हैं और झुग्गीवासियों के लिए क्या समाधान सामने आता है।