चंडीगढ़, 21 नवंबर: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने शुक्रवार को पंजाब सरकार के गृह विभाग को सख्त निर्देश दिया है कि खडूर साहिब से नवनिर्वाचित सांसद अमृतपाल सिंह की ओर से दाखिल प्रतिनिधि-याचिका (Representation) पर एक सप्ताह के अंदर फैसला लिया जाए। यह याचिका आगामी संसद शीतकालीन सत्र (1 दिसंबर से 19 दिसंबर 2025) में भाग लेने के लिए उनकी अस्थायी रिहाई से जुड़ी है।
मुख्य न्यायाधीश शील नागू और जस्टिस अनिल क्षीत्री की डिवीजन बेंच ने कहा कि यदि संभव हो तो फैसला संसद सत्र शुरू होने से पहले ही ले लिया जाए और अमृतपाल सिंह को इसकी तुरंत सूचना दी जाए।
वर्तमान में अमृतपाल सिंह राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत असम की डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में बंद हैं। उन्होंने कोर्ट में दलील दी कि NSA की धारा-15 के प्रावधानों के तहत उन्हें अंतरिम रिहाई या पैरोल दी जाए ताकि वे संसद में अपने क्षेत्र की जनता की आवाज उठा सकें। वैकल्पिक तौर पर उन्होंने यह भी कहा कि अगर रिहाई मुमकिन न हो तो सरकार ऐसी व्यवस्था करे कि उनकी संसद में व्यक्तिगत उपस्थिति सुनिश्चित हो।
अमृतपाल ने 13 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्रालय, पंजाब सरकार और अमृतसर के जिलाधिकारी को इस बारे में प्रतिनिधि-पत्र भेजे थे। हाईकोर्ट ने अब इन्हीं पत्रों पर शीघ्र निर्णय लेने का आदेश दिया है।
अपनी याचिका में अमृतपाल सिंह ने जोर दिया कि खडूर साहिब लोकसभा क्षेत्र के करीब 19 लाख मतदाताओं का वे प्रतिनिधित्व करते हैं और लोकतंत्र व संविधान के मानकों के तहत उनका संसद में उपस्थित रहना अनिवार्य है।
कोर्ट के इस निर्देश के बाद पंजाब सरकार पर अब दबाव बढ़ गया है कि वह एक सप्ताह के भीतर अमृतपाल सिंह की संसद में भागीदारी को लेकर स्पष्ट फैसला ले।