लखनऊ : बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने अयोध्या राम मंदिर और उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
आस्था के मामलों का राजनीतिकरण न करने की अपील
मायावती ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं, लेकिन ऐसे मामलों का राजनीतिकरण भी नहीं होना चाहिए। उनका कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से हो और सच्चाई सामने आने के बाद जिम्मेदार लोगों पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
पारदर्शी व्यवस्था लागू करने का दिया सुझाव
बीएसपी प्रमुख ने कहा कि भविष्य में इस तरह के विवादों से बचने के लिए प्रमुख मंदिरों में चढ़ावे के हिसाब-किताब और प्रबंधन की पारदर्शी व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। उनका मानना है कि आधुनिक और जवाबदेह व्यवस्था अपनाने से श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत होगा।
राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर सियासत तेज
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी को लेकर पहले से ही राजनीतिक माहौल गर्म है। इस मामले में जांच एजेंसियां जांच कर रही हैं, जबकि विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है। वहीं, भाजपा का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
मामले पर बढ़ी राजनीतिक हलचल
मायावती के ताजा बयान के बाद चढ़ावा विवाद एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में जांच की प्रगति और विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाओं के चलते यह मुद्दा और अधिक चर्चा में रह सकता है।