बिहार: गया जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत मंझौली गांव के पास गश्ती पर निकले एसआई अशोक कुमार पर सरपंच और उनके समर्थकों ने अचानक हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि भदेजा पंचायत के सरपंच अपने कुछ समर्थकों के साथ संदिग्ध स्थिति में खड़े थे, जब दारोगा ने उनसे पूछताछ शुरू की। इसी दौरान बहस तेज हो गई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
सर्विस रिवॉल्वर छीनने की कोशिश, दारोगा ने आत्मरक्षा में की फायरिंग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सरपंच के समर्थकों ने दारोगा पर हमला कर उनकी सर्विस रिवॉल्वर छीनने की कोशिश की। स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई, जिससे दारोगा को आत्मरक्षा में फायरिंग करनी पड़ी। गोली चलने के बाद भीड़ पीछे हट गई और स्थिति पर किसी तरह काबू पाया गया।
घटना का वीडियो वायरल, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिसके बाद पुलिस की सुरक्षा और कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोग पूछ रहे हैं कि जब एक पुलिसकर्मी गश्त के दौरान भी सुरक्षित नहीं है, तो आम लोगों की सुरक्षा कैसे होगी?
वरिष्ठ अधिकारियों पर मामले को दबाने का आरोप
सूत्रों के मुताबिक, घटना की सूचना तुरंत उच्चाधिकारियों को दी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को शांत करने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि सरपंच स्वयं अपने समर्थकों के साथ थाना पहुंचकर अधिकारियों से बातचीत कर मामला रफा-दफा करने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे पुलिस बल के कनीय अधिकारियों में नाराजगी है।
एसडीपीओ ने एसआई को ठहराया जिम्मेदार
एसडीपीओ सुनील कुमार पाण्डेय ने बयान दिया है कि एसआई अशोक कुमार ने बिना वजह पूछताछ की, जबकि मौके पर मौजूद लोग अपराधी नहीं थे। उन्होंने कहा कि जब तक एसआई लिखित शिकायत नहीं देंगे, तब तक कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
गया में पुलिस पर हमले की घटनाएं बढ़ीं
गया में पुलिस पर हमले की यह कोई पहली घटना नहीं है। 25 अप्रैल 2024 को होली के दिन एसआई शंभू पासवान पर हमला हुआ था। 26 अप्रैल को जमीन विवाद में महिला सिपाही खुशबू कुमारी घायल हुई थीं। 28 सितंबर को डायल 112 की टीम पर हमला कर उनकी सर्विस रिवॉल्वर भी लूटी गई थी।
यह घटनाएं सवाल खड़ा करती हैं कि गया जिले में पुलिस की सुरक्षा और अधिकार किस हद तक खतरे में हैं।