पटना: शिक्षा विभाग ने सिवान के पूर्व जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) अमरेंद्र कुमार मिश्रा पर बड़ी कार्रवाई की है। सेवा निवृत्त हो चुके मिश्रा पर नियोजित शिक्षकों के वेतन भुगतान में अनियमितता का आरोप सिद्ध होने के बाद विभाग ने उनके पेंशन से दंडात्मक कटौती का आदेश जारी किया है।
नियोजित शिक्षकों के वेतन में की गई गड़बड़ी
आरोप है कि अमरेंद्र कुमार मिश्रा ने अपने कार्यकाल के दौरान बिना प्रमाण पत्रों की जांच किए 182 नियोजित शिक्षकों का वेतन शुरू कर दिया था। यह कार्रवाई विभागीय नियमों के खिलाफ थी। इस अनियमितता के बाद मिश्रा के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई थी, जिसमें उन्हें दोषी पाया गया।
बीपीएससी की सहमति के बाद हुआ दंड का निर्धारण
संचालन पदाधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा विभाग ने मिश्रा की पेंशन से 2% राशि की कटौती पांच वर्षों तक करने का निर्णय लिया। इस निर्णय को बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) से भी मंजूरी मिली। निदेशक (प्रशासन) सुबोध कुमार चौधरी ने 16 अप्रैल को इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी किया।
इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग ने साफ संकेत दिया है कि सेवानिवृत्त होने के बाद भी सेवा काल में की गई गड़बड़ियों पर जवाबदेही तय की जा सकती है।