मुंबई : बॉलीवुड अभिनेत्री ईशा देओल एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में हैं। लंबे समय तक अपने निजी जीवन को सार्वजनिक नजरों से दूर रखने वाली ईशा ने हाल ही में एक बातचीत के दौरान रिश्तों, प्यार, रोमांस और तलाक के बाद के जीवन पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने स्वीकार किया कि आज उनकी जिंदगी में प्यार और रोमांस की कमी जरूर महसूस होती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उनका प्रेम पर से विश्वास उठ गया है।
ईशा का कहना है कि जीवन में प्रेम एक बेहद खूबसूरत एहसास है और हर इंसान के भावनात्मक संतुलन के लिए इसकी अपनी अहम भूमिका होती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी रिश्ते का खत्म होना जीवन का अंत नहीं होता, बल्कि यह एक नए अध्याय की शुरुआत भी हो सकता है।
12 साल की शादी के बाद अलग हुए थे ईशा और भरत
ईशा देओल और बिजनेसमैन भरत तख्तानी ने साल 2012 में शादी की थी। शादी के बाद दोनों बॉलीवुड के चर्चित कपल्स में गिने जाते थे। इस रिश्ते से उनकी दो बेटियां भी हैं। हालांकि करीब 12 साल साथ रहने के बाद दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला लिया।
तलाक की घोषणा के समय दोनों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा था कि वे सम्मानजनक तरीके से अलग हो रहे हैं और उनकी प्राथमिकता हमेशा उनकी बेटियां रहेंगी। इस फैसले के बाद भी दोनों ने एक-दूसरे के प्रति सार्वजनिक तौर पर सम्मान बनाए रखा।
‘मुझे आज भी प्यार पर पूरा भरोसा है’
हालिया बातचीत में ईशा ने कहा कि प्यार और रोमांस जीवन के सबसे खूबसूरत अनुभवों में से एक हैं। उन्होंने माना कि फिलहाल उनकी जिंदगी में इस एहसास की कमी है, लेकिन वह अब भी प्रेम में विश्वास करती हैं।
उनके मुताबिक, किसी रिश्ते का खत्म हो जाना इस बात का संकेत नहीं है कि इंसान दोबारा खुश नहीं रह सकता। जीवन आगे बढ़ता है और हर अनुभव व्यक्ति को कुछ नया सिखाता है।
ईशा ने कहा कि रिश्ते टूटने के बाद भी इंसान अपने भीतर सकारात्मक सोच बनाए रख सकता है। उन्होंने यह भी माना कि समय के साथ व्यक्ति पहले से ज्यादा परिपक्व हो जाता है और जीवन को नए नजरिए से देखने लगता है।
माता-पिता के रिश्ते से मिली प्यार की सीख
ईशा देओल ने अपने माता-पिता, दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र और अभिनेत्री हेमा मालिनी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने बचपन से उनके रिश्ते में गहरा अपनापन देखा है।
उनका कहना है कि माता-पिता के रिश्ते ने उन्हें सिखाया कि प्रेम केवल बड़े-बड़े वादों का नाम नहीं है, बल्कि सम्मान, विश्वास, धैर्य और साथ निभाने का नाम भी है।
ईशा के अनुसार, उन्होंने हमेशा परिवार में अपनापन महसूस किया और यही वजह है कि आज भी वह रिश्तों को बेहद महत्व देती हैं।
रोमांस को जिंदगी से गायब नहीं होने देना चाहिए
ईशा ने बातचीत के दौरान यह भी कहा कि व्यस्त जीवन में लोग काम, जिम्मेदारियों और भागदौड़ में इतने उलझ जाते हैं कि रोमांस और भावनात्मक जुड़ाव पीछे छूट जाता है।
उनका मानना है कि हर रिश्ते को समय देना जरूरी है। छोटे-छोटे पल, बातचीत, एक-दूसरे का सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव किसी भी रिश्ते को मजबूत बनाते हैं।
को-पैरेंटिंग को दी प्राथमिकता
तलाक के बाद ईशा और भरत अपनी दोनों बेटियों की परवरिश मिलकर कर रहे हैं।
ईशा का मानना है कि पति-पत्नी अलग हो सकते हैं, लेकिन माता-पिता की जिम्मेदारी कभी खत्म नहीं होती। उन्होंने कहा कि बच्चों को कभी यह महसूस नहीं होना चाहिए कि उनके माता-पिता अलग हो चुके हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों के मानसिक विकास के लिए दोनों अभिभावकों का सहयोग बेहद जरूरी होता है।
महिलाओं को आत्मनिर्भर रहने की सलाह
ईशा ने महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता पर भी जोर दिया।
उनके मुताबिक, हर महिला को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होना चाहिए। चाहे उसकी शादी हो या न हो, आर्थिक मजबूती आत्मविश्वास बढ़ाती है और कठिन परिस्थितियों में सही फैसले लेने की ताकत देती है।
उन्होंने बताया कि यह सीख उन्हें अपनी मां हेमा मालिनी से मिली है, जिन्होंने हमेशा उन्हें अपने करियर और पहचान को महत्व देने की सलाह दी।
तलाक के बाद मानसिक मजबूती सबसे जरूरी
ईशा का मानना है कि तलाक किसी भी व्यक्ति के लिए आसान अनुभव नहीं होता।
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में परिवार, दोस्तों और अपने काम का साथ व्यक्ति को मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखता है।
उन्होंने यह भी कहा कि हर व्यक्ति का सफर अलग होता है और किसी के फैसले को बाहर से देखकर उसकी पूरी कहानी समझना संभव नहीं होता।
सोशल मीडिया और निजी जिंदगी
ईशा ने इस बात पर भी जोर दिया कि सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाली तस्वीरें हमेशा पूरी सच्चाई नहीं बतातीं।
उन्होंने कहा कि निजी रिश्तों को लेकर हर व्यक्ति को अपनी गोपनीयता बनाए रखने का अधिकार है। कई बार लोग बिना पूरी जानकारी के राय बना लेते हैं, जबकि वास्तविक स्थिति बिल्कुल अलग हो सकती है।
फिर से प्यार मिलने की संभावना पर क्या बोलीं?
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह भविष्य में फिर से प्यार के लिए तैयार हैं, तो उन्होंने सकारात्मक जवाब दिया।
ईशा ने कहा कि यदि जीवन में सही समय और सही व्यक्ति मिला तो वह नए रिश्ते के लिए खुद को बंद नहीं रखेंगी। उनके अनुसार, प्यार एक खूबसूरत एहसास है और उसे लेकर मन में नकारात्मकता नहीं रखनी चाहिए।
रिश्तों से क्या सीख मिलती है?
ईशा का मानना है कि हर रिश्ता इंसान को कुछ न कुछ सिखाकर जाता है।
कभी रिश्ते सफल होते हैं तो कभी परिस्थितियां बदल जाती हैं, लेकिन हर अनुभव व्यक्ति को पहले से ज्यादा समझदार और परिपक्व बनाता है।
उन्होंने कहा कि सबसे जरूरी बात यह है कि इंसान अपने आत्मसम्मान और मानसिक शांति को प्राथमिकता दे।
प्रशंसकों ने की ईशा की ईमानदारी की तारीफ
ईशा के इस खुले बयान के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने उनकी ईमानदारी और सकारात्मक सोच की सराहना की।
कई यूजर्स ने कहा कि निजी जिंदगी के इतने संवेदनशील विषय पर इस तरह संतुलित और परिपक्व तरीके से बात करना आसान नहीं होता।
ईशा देओल की यह बातचीत केवल उनके निजी जीवन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन लोगों के लिए भी एक संदेश है जो रिश्तों में उतार-चढ़ाव का सामना कर रहे हैं। उन्होंने यह दिखाया कि किसी रिश्ते का अंत जीवन का अंत नहीं होता। आत्मविश्वास, परिवार का साथ, बच्चों की जिम्मेदारी और भविष्य के प्रति सकारात्मक सोच इंसान को आगे बढ़ने की ताकत देती है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्यार और रोमांस आज भी उनकी जिंदगी के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। भले ही फिलहाल वह इस एहसास को मिस करती हों, लेकिन प्रेम पर उनका भरोसा अब भी कायम है। शायद यही सोच उन्हें जीवन की नई शुरुआत के लिए तैयार भी करती है।