भुज, गुजरात: ऑपरेशन सिंदूर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को पहली बार अपने दो दिवसीय गुजरात दौरे पर पहुंचे। दौरे के पहले दिन उन्होंने भुज में भव्य रोड शो किया और फिर विकास परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया। इसके बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कच्छ की विकास यात्रा और आत्मबल की सराहना की।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “कच्छ की धरती ने कभी हार नहीं मानी। भूकंप के बाद जब पूरी दुनिया ने उम्मीद छोड़ दी थी, तब भी मुझे विश्वास था कि मेरा कच्छ फिर खड़ा होगा – और आज कच्छ कारोबार और पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन चुका है।”
उन्होंने जनसभा में कहा कि आज जो परियोजनाएं शुरू की गई हैं, वे बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा, बंदरगाह और अन्य बुनियादी ढांचे को नई गति देंगी। पीएम मोदी ने ग्रीन हाइड्रोजन फैक्ट्री की आधारशिला रखी और कहा, “यह तकनीक ‘मेड इन इंडिया’ है और भविष्य में बसें और गाड़ियाँ इसी ईंधन से चलेंगी।”
उन्होंने कच्छ की पुरानी पीढ़ियों के संघर्ष को याद करते हुए कहा, “आज का कच्छ बदला हुआ है, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब पानी की एक-एक बूंद के लिए तरसते थे। मां नर्मदा ने कृपा की और सूखी धरती पर पानी पहुंचाने का सौभाग्य मुझे मिला।”
प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद पर सख्त रुख दोहराते हुए कहा,
“हमारी नीति आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की है। ऑपरेशन सिंदूर इसका स्पष्ट उदाहरण है। जो भी भारत की तरफ आंख उठाएगा, उसे उसी की भाषा में जवाब मिलेगा। रोटी खाओ, आराम से जियो… वरना मेरी गोली तो है ही।”
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि हर घर तक बिजली पहुंचे और उसका बिल शून्य हो, जिसके लिए ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ शुरू की गई है। गुजरात में कई लोग पहले ही इसका लाभ ले रहे हैं।
पीएम मोदी ने समुद्री विकास नीति का भी ज़िक्र करते हुए कहा, “हमारा विजन बंदरगाह आधारित विकास का है, जो हमारी प्राचीन समुद्री परंपराओं से प्रेरित है। जैसे विकसित देशों ने समुद्रों का उपयोग विकास के लिए किया है, वैसे ही हम भी अपने बंदरगाहों को समृद्धि का माध्यम बनाएंगे।”
प्रधानमंत्री के इस दौरे को गुजरात के विकास के नए युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।