केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को राज्यसभा में गृह मंत्रालय के कार्यों पर हुई चर्चा का जवाब दिया। अपने संबोधन में उन्होंने 2014 के बाद से मोदी सरकार द्वारा लिए गए कड़े फैसलों और आतंकवाद के खिलाफ उठाए गए कदमों की सराहना की। साथ ही गृह मंत्री ने यह दावा किया कि अगले साल 2026 तक देश नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हो जाएगा। उन्होंने देश की आतंरिक सुरक्षा, जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से निपटने की रणनीति और विकास कार्यों पर भी चर्चा की। अमित शाह ने कहा कि देश की सुरक्षा व्यवस्था काफी मजबूत हो गई है और नरेंद्र मोदी की सरकार ने एक साथ सभी समस्याओं पर हमला किया है।
भारत कितना सुरक्षित है?
केंद्रीय गृह मंत्री ने राज्यसभा में देश की सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई पर बयान देते हुए कहा कि जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सत्ता में आए हैं, भारत ने अपनी सीमाओं और नागरिकों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने उरी और पुलवामा हमलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन हमलों के बाद भारत ने केवल 10 दिनों में पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक करके मुंह तोड़ जवाब दिया। शाह ने गर्व से कहा कि पहले सिर्फ अमेरिका और इजरायल ही अपनी सुरक्षा के लिए प्रसिद्ध थे, लेकिन अब भारत भी इस लिस्ट में शामिल हो गया है।
अनुच्छेद 370 हटाना ऐतिहासिक कदम
अमित शाह ने अनुच्छेद 370 को हटाने को ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माताओं ने इसे अस्थायी रूप से रखा था, लेकिन वोट बैंक की राजनीति ने इसे सालों तक जीवित रखा। 5 अगस्त 2019 को प्रधानमंत्री मोदी ने इसे समाप्त कर कश्मीर को भारत के साथ जोड़ने का नया रास्ता खोला। पहले कश्मीर में आतंकवाद आम था और हर त्योहार पर डर बना रहता था, लेकिन अब मोदी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति से हालात में बदलाव आ चुका है।
आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति
गृह मंत्री ने देश के तीन बड़े नासूर – कश्मीर में आतंकवाद, वामपंथी उग्रवाद और नॉर्थ-ईस्ट के उग्रवाद का जिक्र किया। इन घटनाओं के कारण 40 साल में 92 हजार लोग मारे गए। पहले इन समस्याओं के खिलाफ ठोस कदम नहीं उठाए गए थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है। शाह ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उनके बलिदान की वजह से ही देश आज मजबूत है। पहले आतंकवादियों का महिमामंडन किया जाता था, अब उन्हें दफनाकर सख्त संदेश दिया जाता है। उनके रिश्तेदारों को भी सरकारी सुविधाओं से हटा दिया गया है। शाह के इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि मोदी सरकार आतंकवाद के खिलाफ सख्ती से निपट रही है।