पटना: बिहार ने सड़क दुर्घटनाओं में हिट एंड रन मामलों के पीड़ितों और उनके परिवारों को राहत पहुंचाने के मामले में पूरे देश के सामने एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है। राज्य में अब तक 4,935 पीड़ितों या उनके आश्रितों को मुआवजा प्रदान किया गया है। इस योजना के अंतर्गत जनरल इंश्योरेंस काउंसिल (GIC), मुंबई द्वारा लगभग 100 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि सीधे पीड़ित परिवारों के खातों में भेजी गई है।
राज्य सरकार त्वरित सहायता के लिए सतर्क:
परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि इस योजना से उन हजारों परिवारों को सहारा मिला है, जिनके लिए सड़क दुर्घटना केवल एक दुखद घटना नहीं, बल्कि जीवन की दिशा बदल देने वाली त्रासदी थी। सरकार का उद्देश्य है कि पीड़ितों को शीघ्र न्याय और सहायता मिले। इसके लिए जिला स्तर से लेकर मुख्यालय तक, GIC मुंबई के साथ समन्वय कर सघन निगरानी की जा रही है।
उल्लेखनीय भुगतान दर हासिल करने वाले जिले:
हिट एंड रन मामलों में मुआवजा वितरण के मामले में कई जिलों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। मुंगेर (89%), जहानाबाद (86%), अरवल (86%), मोतिहारी (82%) और रोहतास (81%) ने 80 प्रतिशत से अधिक भुगतान दर प्राप्त की है। इसके अलावा गया, मुजफ्फरपुर, औरंगाबाद, सहरसा, जमुई, कैमूर, सुपौल, नवादा और कटिहार जिलों ने भी 70 प्रतिशत से अधिक भुगतान दर दर्ज कर अन्य जिलों के लिए मिसाल कायम की है।
मृतकों के आश्रितों को 2 लाख, घायलों को 50 हजार की सहायता:
इस योजना के तहत हिट एंड रन दुर्घटना में मृत्यु होने पर मृतक के आश्रितों को 2 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को 50 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाता है।