पटना : बिहार में संभावित बाढ़ और सुखाड़ की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर सभी विभागों और जिला प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि “आपदा को विपदा नहीं बनने देना है” और प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करानी है। उन्होंने तटबंधों और सड़कों का निर्माण कार्य 31 मई से पहले पूरा करने के साथ शुद्ध पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं और राहत सामग्री की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े सभी जिलों के अधिकारी
मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ सभागार में आयोजित इस समीक्षा बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक भी शामिल हुए। बैठक के दौरान बिहार मौसम सेवा केंद्र, पटना के अधिकारियों ने मॉनसून सत्र के पूर्वानुमान की जानकारी देते हुए बताया कि जून और जुलाई में सामान्य से कम वर्षा, अगस्त में सामान्य वर्षा और सितंबर में फिर कम बारिश होने की संभावना है। दक्षिण बिहार में औसत से कम जबकि उत्तर बिहार में सामान्य वर्षा का अनुमान जताया गया है।
राहत सामग्री, नाव और स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारी
बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव Santosh Kumar Mall ने संभावित बाढ़ और सुखाड़ से निपटने की तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत सभी जिलों और संबंधित विभागों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
उन्होंने नाव संचालन, पॉलिथिन शीट, राहत सामग्री, दवाइयों, पशुचारा, बाढ़ राहत शिविर, सामुदायिक रसोई, ड्राई राशन पैकेट और जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों की तैयारियों की जानकारी भी साझा की।
“राज्य के खजाने पर पहला अधिकार आपदा पीड़ितों का”
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बाढ़ और सुखाड़ दोनों की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए हर स्तर पर सतर्कता बरती जाए। उन्होंने कहा कि सरकार आपदा प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है और राज्य के खजाने पर पहला अधिकार आपदा पीड़ितों का है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन इलाकों में हर साल बाढ़ की आशंका रहती है, वहां तटबंधों और सड़कों का निर्माण कार्य 31 मई से पहले हर हाल में पूरा कर लिया जाए। साथ ही भू-जल स्तर पर नजर रखने, पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था करने और पशुओं के लिए सूखे चारे का इंतजाम सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया।
गर्मी और मौसम को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष अत्यधिक गर्मी पड़ रही है, इसलिए सभी विभाग हर परिस्थिति के लिए तैयार रहें और लोगों को समय-समय पर जागरूक करें। उन्होंने अधिकारियों से अंतरविभागीय समन्वय के साथ काम करने को कहा ताकि आपदा की स्थिति में लोगों को तत्काल राहत और सहायता मिल सके।
बैठक में उप मुख्यमंत्री Vijay Kumar Choudhary, Bijendra Prasad Yadav समेत कई मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के पदाधिकारी मौजूद रहे।