पश्चिम चंपारण में हड़कंप: डीईओ के घर से मिली भारी मात्रा में नकदी
बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) रजनीकांत प्रवीण के घर पर गुरुवार को विशेष निगरानी विभाग ने छापेमारी की। छापेमारी के दौरान अधिकारियों को डीईओ के घर से इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिली कि उन्हें इसे गिनने के लिए मशीनें मंगवानी पड़ीं। अधिकारियों के मुताबिक, घर में 50 लाख रुपये से अधिक की नकदी मिली।
विजिलेंस टीम द्वारा की गई छापेमारी
आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत पर विशेष विजिलेंस टीम ने सुबह 6:30 बजे डीईओ के घर पर छापेमारी शुरू की। इस छापेमारी में एक दर्जन से अधिक अधिकारी शामिल थे। अधिकारी घर के हर कमरे की तलाशी ले रहे थे और डीईओ से पूछताछ कर रहे थे। यह छापेमारी पिछले पांच घंटे से जारी है और अब तक तीन से चार और कमरे की तलाशी बाकी है।
आय से अधिक संपत्ति और घोटाले का अंदेशा
विजिलेंस टीम के सूत्रों के अनुसार, छापेमारी में करोड़ों रुपये की संपत्ति मिलने की संभावना जताई जा रही है। इस दौरान बैंच और डेस्क सप्लाई में भारी भ्रष्टाचार के संकेत मिले हैं। एजेंसी के माध्यम से स्कूलों में डेस्क-बेंच की सप्लाई और अन्य विकास कार्यों में गोलमाल की जानकारी सामने आई है।
जदयू विधायक का आरोप: डीईओ की जांच पर कार्रवाई
वाल्मीकिनगर के जदयू विधायक धीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ रिंकू सिंह ने आरोप लगाया था कि जिला शिक्षा कार्यालय में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार बढ़ गए हैं। शिक्षक संगठनों ने उनसे शिकायत की थी, जिसके बाद विधायक ने खुद जांच का आदेश दिया था। उन्होंने कहा था कि लिपिक द्वारा किए गए भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
डीईओ की पत्नी के स्कूल पर भी छापेमारी
डीईओ रजनीकांत प्रवीण की पत्नी सुषुमा कुमारी पर भी जांच की जा रही है। पहले एक संविदा शिक्षिका रही सुषुमा कुमारी अब दरभंगा में ओपन माइंड बिरला स्कूल की निदेशक और वास्तविक मालिक के रूप में कार्य कर रही हैं। इस स्कूल पर भी छापेमारी की गई है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन और डीईओ की नौकरी पर संकट
भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़क से लेकर विधानसभा तक आवाज उठाने वाली विधायक की कार्रवाई के बाद डीईओ की नौकरी पर संकट आ गया है। अब तक की छापेमारी और आरोपी की पहचान के बाद माना जा रहा है कि डीईओ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।