पूर्णिया में 22 और 23 मार्च को कोरटबाड़ी में आयोजित दो दिवसीय मां शीतला पूजा महोत्सव को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। वार्ड पार्षदों ने आरोप लगाया है कि कला, संस्कृति एवं युवा विभाग और जिला प्रशासन ओछी राजनीति कर रहे हैं, जिससे जनप्रतिनिधियों की अनदेखी हो रही है।
वार्ड पार्षदों का आरोप: प्रशासन पक्षपाती
वार्ड पार्षद ऋषव साह उर्फ अंजनी साह, ममता सिंह, स्वपन घोष और आशा महतो ने एक संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि स्थानीय विधायक विजय खेमका ने इस कार्यक्रम को अपने हाथ में ले लिया है और उनके इशारे पर अन्य जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा की जा रही है। उनका यह भी कहना है कि सरकारी कार्यक्रमों में जिला प्रशासन की भूमिका अब पक्षपातपूर्ण हो गई है। पारंपरिक रूप से नगर निगम क्षेत्र में आयोजित सरकारी कार्यक्रमों में महापौर, उपमहापौर और वार्ड पार्षदों की उपस्थिति आवश्यक मानी जाती है, लेकिन इस बार इन्हें नजरअंदाज किया गया है।
वार्ड आयुक्तों की आपत्ति
वार्ड आयुक्तों बबली कुमारी, राकेश राय और नवल जायसवाल ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब यह कार्यक्रम राजकीय समारोह है, तो महापौर और वार्ड पार्षदों को नजरअंदाज करना उचित नहीं है। उनका कहना है कि सरकारी पैसे से आयोजित कार्यक्रमों में आम जनता की भागीदारी होती है, और पूर्णिया में अब एक नई परंपरा शुरू हो गई है, जहां कुछ ही लोगों के इशारे पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
पार्षदों की चेतावनी
वार्ड पार्षद मो. गुलाब हुसैन, पूनम साह और चांदनी देवी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जो अधिकारी सत्ताधारी दल के इशारों पर काम कर रहे हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि सत्ता बदलने में देर नहीं लगती। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और समय आने पर इसका जवाब दिया जाएगा।
सूचना न देने पर आपत्ति
स्थानीय वार्ड पार्षद अमित कुमार सोनी ने कहा कि उन्हें कार्यक्रम की सूचना तक नहीं दी गई, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण और आपत्तिजनक है। महापौर और वार्ड पार्षदों की अनदेखी पर विरोध जताने वालों में कई अन्य पार्षद भी शामिल हैं, जिन्होंने इस मामले में प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाई है।
उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर स्थिति में सुधार नहीं होता, तो वार्ड पार्षद सड़क पर उतरकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे।