नई दिल्ली: दिल्ली की कमान संभालने के बाद से रेखा गुप्ता सक्रिय हो गई हैं। जैसे ही उन्होंने सीएम पद की शपथ ली, कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार ने त्वरित कदम उठाए। इस दौरान, रेखा गुप्ता के लिए नया सरकारी बंगला तय करने की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। हालांकि, उन्होंने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था कि वे पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा बनाए गए ‘शीशमहल’ में नहीं रहेंगी।
अधिकारियों ने शॉर्टलिस्ट किए बंगले
अब, लोक निर्माण विभाग (PWD) और दिल्ली सरकार के अधिकारियों ने रेखा गुप्ता के लिए नए बंगले के विकल्प देखना शुरू कर दिए हैं। इस दौरान तीन बंगलों को शॉर्टलिस्ट किया गया है और सीएम ऑफिस का स्टाफ इनका निरीक्षण कर चुका है। खबरें हैं कि अगले एक-दो दिनों में रेखा गुप्ता के लिए नया बंगला फाइनल किया जाएगा।
रेखा गुप्ता के लिए कौन से हैं ऑप्शन?
रेखा गुप्ता के लिए जो बंगले शॉर्टलिस्ट किए गए हैं, वे दिल्ली के दो प्रमुख वीवीआईपी इलाकों में स्थित हैं—लुटियंस दिल्ली और सिविल लाइंस। लुटियंस दिल्ली को भारत के सबसे पॉश और सुरक्षित इलाकों में से एक माना जाता है। यहां राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री आवास और कई केंद्रीय मंत्रियों के सरकारी आवास स्थित हैं। वहीं, सिविल लाइंस वह इलाका है, जहां दिल्ली के मुख्यमंत्रियों का पारंपरिक सरकारी आवास रहा है। अरविंद केजरीवाल से पहले अधिकांश मुख्यमंत्री इसी इलाके में रहते आए हैं।
शीशमहल पर विवाद
रेखा गुप्ता ने सीएम पद की शपथ लेने से पहले ही यह ऐलान कर दिया था कि वह ‘शीशमहल’ में नहीं रहेंगी। चुनाव से पहले बीजेपी ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था और इसे आम आदमी पार्टी (AAP) के खिलाफ एक बड़ा हथियार बना लिया था। बीजेपी का आरोप था कि अरविंद केजरीवाल का बंगला चार सरकारी संपत्तियों को जोड़कर अवैध रूप से बनाया गया है, और इसमें जनता के पैसे की बर्बादी की गई है। इसे भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए बीजेपी ने इसे दिल्ली के चुनावी मुद्दे के रूप में प्रस्तुत किया था। अब जब बीजेपी की सरकार बन चुकी है, रेखा गुप्ता का शीशमहल में न रहने का निर्णय इस वादे को पूरा करने की दिशा में लिया गया कदम माना जा रहा है।