उत्तर प्रदेश के शामली ज़िले में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में 50 हजार रुपये का इनामी डकैत समयदीन उर्फ़ सामा मारा गया। मूल रूप से कांधला कस्बे का रहने वाला समयदीन लंबे समय से कर्नाटक के तुमकुर में छिपकर रह रहा था। समयदीन पर उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में 23 से ज़्यादा गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।
समयदीन, अक्टूबर में कांधला में मारे गए एक लाख के इनामी नफ़ीस का साथी भी रह चुका था। नफ़ीस के एनकाउंटर के बाद वह पंजाब भाग गया था और वहां से पुलिस की पकड़ से लगातार बचता रहा।
पुलिस को सूचना मिली थी कि थानाभवन थाना क्षेत्र के भेसानी के जंगलों में स्थित एक भट्टे पर समयदीन अपने साथियों के साथ डकैती की योजना बना रहा है। सूचना के आधार पर पहुंची पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की। इसी दौरान बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में समयदीन गंभीर रूप से घायल हुआ। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मुठभेड़ में एक पुलिसकर्मी भी गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे जिला अस्पताल रेफर किया गया है। बाबरी थाना प्रभारी राहुल सिसोदिया की जैकेट पर भी गोली लगी, लेकिन वह सुरक्षित हैं। पुलिस ने मौके से दो पिस्तौल, एक तमंचा और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए हैं।
पुलिस का कहना है कि मौके पर लगभग छह बदमाश मौजूद थे, जिनमें से समयदीन के पांच साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। उनकी तलाश में जंगलों में सर्च ऑपरेशन जारी है।
एसपी एनपी सिंह ने बताया, “हमें सूचना मिली कि भट्टे के अंदर गैंग मौजूद है। पुलिस ने घेराबंदी की तो बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश घायल हुआ जिसकी अस्पताल में मौत हो गई। एक पुलिसकर्मी भी घायल है। आज एक बड़े बदमाश का अंत हुआ है।”
पुलिस के अनुसार समयदीन कई राज्यों में सक्रिय गिरोहों के साथ मिलकर डकैतियां और लूट की वारदातों को अंजाम देता था।