आइजोल: 8,070 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित यह रेल लाइन केंद्र सरकार की विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे और सुदूर क्षेत्रों तक कनेक्टिविटी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। चुनौतीपूर्ण पहाड़ी क्षेत्र में बनी इस रेल लाइन में 45 सुरंगें, 55 बड़े पुल और 88 छोटे पुल शामिल हैं, जो जटिल भौगोलिक परिस्थितियों में इंजीनियरिंग का कमाल दिखाते हैं।
प्रधानमंत्री शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस कार्यक्रम से जुड़े, क्योंकि खराब मौसम के कारण वे आइजोल नहीं पहुंच सके। मिजोरम एयरपोर्ट से वर्चुअली संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, “मिजोरम भारत की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आज का दिन मिजोरमवासियों और पूरे देश के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि आइजोल अब रेलवे मानचित्र पर अंकित हो गया है।”
उन्होंने आगे कहा, “कुछ वर्ष पहले मुझे इस रेल लाइन की आधारशिला रखने का सौभाग्य मिला था, और आज इसे देश को समर्पित करते हुए गर्व हो रहा है। हमारे इंजीनियरों की मेहनत और कार्यकर्ताओं के समर्पण ने इस सपने को साकार किया है।”
पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि यह रेल लाइन मिजोरम को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सीधे जोड़ेगी। यह न केवल एक रेल लाइन है, बल्कि मिजोरम के लोगों के लिए परिवर्तन की जीवनरेखा है। इससे किसानों और व्यवसायियों को देश भर के बाजारों तक पहुंच मिलेगी, साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
यह रेल लाइन मिजोरम के विकास को नई गति देगी और क्षेत्र के लोगों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी।