नई दिल्ली: दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में लगी भीषण आग ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। इस दर्दनाक हादसे में गुरुग्राम के एक ही परिवार के 8 लोगों की जान चली गई। परिवार अपने बुजुर्ग सदस्य से मिलने दिल्ली आया था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह मुलाकात उनकी आखिरी यात्रा बन जाएगी।
बीमार पिता से मिलने पहुंचे थे दिल्ली
गुरुग्राम के सेक्टर-46 निवासी विवेक अग्रवाल पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट थे। उनके 80 वर्षीय पिता इन दिनों अस्पताल में भर्ती थे। परिवार के सदस्य उनसे मिलने के लिए दिल्ली आए थे और अस्पताल के पास स्थित एक होटल में ठहरे हुए थे।
विवेक अग्रवाल के साथ उनकी पत्नी तर्जनी अग्रवाल, बेटियां जिविशा और वर्या समेत अन्य रिश्तेदार भी होटल में रुके हुए थे। परिवार ने होटल में दो कमरे बुक किए थे और घटना के समय सभी सदस्य वहीं मौजूद थे।
नाश्ते के दौरान मचा हड़कंप
बताया जा रहा है कि सुबह के समय परिवार के सदस्य नाश्ता कर रहे थे, तभी होटल में अचानक आग लग गई। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते होटल धुएं और आग की लपटों से भर गया।
परिवार में सिर्फ एक सदस्य बचा जीवित
इस हादसे ने पूरे परिवार को तबाह कर दिया। परिवार के 8 सदस्यों की मौत के बाद अब केवल विवेक अग्रवाल के बुजुर्ग पिता ही जीवित बचे हैं, जो अस्पताल में भर्ती हैं। हादसे की खबर मिलने के बाद रिश्तेदार और परिचित गहरे सदमे में हैं।
डीएनए जांच के बाद मिलेगा शवों का अंतिम सुपुर्दगी
हादसे में कई शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ऐसे में मृतकों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए डीएनए परीक्षण की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। अधिकारियों ने परिजनों को बताया है कि जांच पूरी होने के बाद ही शव उन्हें सौंपे जाएंगे।
होटल में मौजूद थे करीब 40 लोग
आग लगने के समय होटल में लगभग 40 लोग ठहरे हुए थे। हादसे में कुल 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार होटल में केवल एक ही प्रवेश और निकास द्वार था। कई खिड़कियां स्थायी रूप से बंद थीं और मुख्य दरवाजा सेंसर आधारित व्यवस्था से संचालित होता था। आग लगने के बाद लोगों के पास बाहर निकलने के बहुत कम रास्ते बचे। कई लोगों ने जान बचाने के लिए ऊंचाई से छलांग लगाने का जोखिम उठाया।
जांच में जुटी एजेंसियां
हादसे के बाद प्रशासन और जांच एजेंसियां आग लगने के कारणों और सुरक्षा मानकों की जांच कर रही हैं। यह भी देखा जा रहा है कि होटल में अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं। घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक भवनों में सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।