स्वास्थ्य विभाग के एक कार्यक्रम के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक महिला डॉक्टर का हिजाब खींचने का वीडियो हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो को लेकर काफी विवाद भी हुआ, जो अब तक थमता नजर नहीं आ रहा है।
दरअसल, नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा कथित तौर पर एक आयुष डॉक्टर की नकाब (हिजाब) खींचे जाने का मामला सामने आया था। इस घटना के बाद विवादों में आईं आयुष डॉक्टर नुसरत प्रवीण की नौकरी ज्वाइनिंग को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने अब तक आयुष डॉक्टर के पद पर योगदान नहीं दिया है।
31 दिसंबर को ज्वाइनिंग की अंतिम तिथि थी, लेकिन इसके बावजूद नुसरत प्रवीण ने आज भी ड्यूटी ज्वाइन नहीं की। वहीं, उनके साथ चयनित 63 अन्य डॉक्टरों ने अपनी सेवाएं ज्वाइन कर ली हैं। अब ज्वाइनिंग की तय तिथि समाप्त हो चुकी है।
इस संबंध में पटना के सिविल सर्जन डॉ. अविनाश कुमार सिंह ने बताया कि आयुष डॉक्टर नुसरत प्रवीण ने अंतिम तिथि तक भी योगदान नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि अब ज्वाइनिंग की संभावना बेहद कम है, क्योंकि स्वास्थ्य विभाग पहले ही ज्वाइनिंग की तिथि बढ़ा चुका था और अब दोबारा तिथि बढ़ाए जाने की संभावना नहीं है।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि नुसरत प्रवीण स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर किसी ठोस कारण का उल्लेख करते हुए अपील करती हैं कि वह किन्हीं कारणों से ड्यूटी ज्वाइन नहीं कर पाईं, तो विभाग के विशेष निर्देश मिलने पर उनकी ज्वाइनिंग पर विचार किया जा सकता है। इसके लिए उन्हें विभागीय स्तर पर अपील करनी होगी। स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर तिथि बढ़ाई जा सकती है, लेकिन यह पूरी तरह विभागीय निर्णय पर निर्भर करेगा।