पटना: पूर्व विधायक बीमा भारती आज आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के दफ्तर में पूछताछ के लिए हाजिर हुईं। यह कार्रवाई उन्हें नोटिस मिलने के बाद की गई। ईओयू अधिकारियों ने उनसे करीब तीन घंटे तक लगातार पूछताछ की। बीमा भारती ने कहा कि उन्होंने हर सवाल का जवाब दिया और पूरी जांच में सहयोग किया।
मीडिया से बात करते हुए बीमा भारती ने कहा, “मैं निर्दोष हूं, मुझे राजनीतिक साज़िश के तहत फंसाया जा रहा है। मुझ पर झूठा मुक़दमा दर्ज किया गया है। नीतीश सरकार को अस्थिर करने की कोई कोशिश मैंने नहीं की।” उन्होंने बताया कि पहली नोटिस उन्हें समय पर नहीं मिली थी और बाद में टीवी पर खबर देखकर उन्होंने खुद ईओयू से संपर्क किया।
बीमा भारती ने कहा, “दूसरी नोटिस मिलते ही मैं हाज़िर हुई और सभी सवालों के जवाब दिए। भविष्य में भी अगर ईओयू या किसी अन्य एजेंसी ने बुलाया तो मैं फिर से आऊंगी। मैं न्यायपालिका का सम्मान करती हूं और कानून से भागने वाली नहीं हूं।”
उन्होंने यह भी बताया कि आरोप लगने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात कर अपना पक्ष भी रखा था।
क्या है मामला?
यह मामला 2024 में नीतीश कुमार सरकार द्वारा पेश किए गए विश्वास मत के दौरान सामने आया था। आरोप है कि कुछ जेडीयू विधायकों की खरीद-फरोख्त की कोशिश की गई थी। इसी मामले में बीमा भारती को संदेह के आधार पर पूछताछ के लिए बुलाया गया।
पहले नोटिस के बावजूद वह ईओयू दफ्तर में पेश नहीं हुई थीं, जिसके बाद दूसरी बार नोटिस जारी किया गया। अगर इस बार भी वह उपस्थित नहीं होतीं, तो ईओयू उनके खिलाफ वारंट जारी कर सकता था। लेकिन इससे पहले ही बीमा भारती पूछताछ के लिए पहुंच गईं।
जांच एजेंसी इस मामले की तह तक जाने की कोशिश में है और बीमा भारती की भूमिका को लेकर अभी पूछताछ जारी है।