पटना: बिहार के स्वास्थ्य विभाग के अधीन कार्यरत राज्य आयुष समिति द्वारा आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत संचालित “आयुष्मान आरोग्य मंदिर” के आयुष चिकित्सा पदाधिकारियों के लिए चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ सोमवार, 28 अप्रैल 2025 को स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। यह प्रशिक्षण सत्र 1 मई 2025 तक चलेगा।
इस अवसर पर मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आयुष मंत्रालय ने उल्लेखनीय प्रगति की है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को सुदृढ़ किया है। “आयुष्मान आरोग्य मंदिर” के माध्यम से आयुष पद्धतियों को शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में मजबूती से स्थापित किया जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य में स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत 35,383 पदों पर नई नियुक्तियों की प्रक्रिया चल रही है, जिसका विज्ञापन जारी किया जा चुका है। साथ ही, 20,016 नए पदों का सृजन भी पब्लिक मैनेजमेंट कैडर के अंतर्गत किया गया है। अगले 3-4 महीनों में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को रिक्त शैक्षणिक पदों की अधियाचना भेजी जा चुकी है।
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए मंगल पांडेय ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य के 7 जिलों – गोपालगंज, सिवान, मधुबनी, दरभंगा, बेगूसराय, गया और मोतिहारी में 50-बेड वाले एकीकृत आयुष अस्पतालों की स्थापना की जाएगी। साथ ही, राज्य आयुष समिति आयुष आरोग्य मंदिरों में पैथोलॉजी जांच सुविधा की शुरुआत करने जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि सभी 38 जिलों में जिला संयुक्त औषधालय संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा दरभंगा, बेगूसराय और आरबीटीएस होम्योपैथिक कॉलेज में निर्माण कार्य के लिए 834 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की यह सोच है कि 12 लाख लोगों को नौकरी और 25 लाख लोगों को रोजगार दिया जाए, जिसमें स्वास्थ्य विभाग की भूमिका अहम है।
स्वास्थ्य विभाग के सचिव मनोज कुमार सिंह ने कहा कि राज्य में आयुष चिकित्सा सेवाएं (आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी) आमजन को उपलब्ध कराई जा रही हैं और नि:शुल्क दवाएं भी दी जा रही हैं।
राज्य आयुष समिति के कार्यपालक निदेशक डॉ. आदित्य प्रकाश ने बताया कि 294 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में कार्यरत चिकित्सकों को राष्ट्रीय आयुष मिशन की गाइडलाइन के अनुसार प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हो।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मनोज कुमार सिंह (सचिव, स्वास्थ्य विभाग), डॉ. आदित्य प्रकाश (अपर सचिव-सह-कार्यपालक निदेशक, राज्य आयुष समिति), शशांक शेखर सिन्हा (सीईओ, बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति), प्रतिभा रानी (प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एड्स नियंत्रण सोसाइटी), गुंजन सिंह (विशेष कार्य पदाधिकारी), अमिताभ सिंह (स्वास्थ्य मंत्री के आप्त सचिव), सुरेंद्र राय (महानिदेशक, आयुष, बिहार) और प्रमोद कुमार राम (प्रशासी सह बजट पदाधिकारी, राज्य आयुष समिति) शामिल थे।