वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, केंद्र सरकार को 7 दिन में जवाब दाखिल करने का निर्देश

Hearing in Supreme Court on Waqf Amendment Act 2025, Central Government directed to file reply in 7 days

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में आज, गुरुवार 17 अप्रैल, को वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अहम सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार को 7 दिन के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

केंद्र का पक्ष: कानून पर तुरंत रोक उचित नहीं
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सरकार इस मामले में जवाबदेह है और उसे देशभर से लाखों सुझाव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि कानून पर तुरंत रोक लगाना उचित नहीं होगा। साथ ही कोर्ट को यह आश्वासन भी दिया कि अगली सुनवाई तक:

  • कोई वक्फ संपत्ति डीनोटिफाई या गैर-वक्फ घोषित नहीं की जाएगी।
  • वक्फ बोर्ड या परिषद में कोई नई नियुक्ति नहीं होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब तक मामला लंबित है, मौजूदा स्थिति बनी रहनी चाहिए। कोर्ट ने माना कि कानून में कुछ सकारात्मक पहलू हो सकते हैं, इसलिए उस पर पूरी तरह रोक जरूरी नहीं, लेकिन किसी संपत्ति को बिना ठोस कारण वक्फ घोषित या डीनोटिफाई नहीं किया जाना चाहिए।

कानून के प्रावधानों पर कोर्ट ने उठाए सवाल
मुख्य न्यायाधीश खन्ना और जस्टिस विश्वनाथन ने सुनवाई के दौरान वक्फ अधिनियम के कुछ प्रावधानों पर गंभीर सवाल खड़े किए। पीठ ने पूछा:

  • क्या वे सारी संपत्तियां जो सिर्फ उपयोगकर्ता के आधार पर वक्फ मानी गई थीं, अब अपना अस्तित्व खो देंगी?
  • जिन धार्मिक स्थलों का कभी रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ, वे कैसे वक्फ संपत्ति मानी जाएंगी?
  • अगर सरकार किसी संपत्ति को सरकारी घोषित कर दे, तो क्या उस पर वक्फ का दावा निष्प्रभावी हो जाएगा?

पश्चिम बंगाल की हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट की चिंता
कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में वक्फ मुद्दे को लेकर हुई हिंसा पर चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि जब मामला अदालत में लंबित है, तो इस तरह की घटनाएं नहीं होनी चाहिए। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकीलों ने भी इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

हाईकोर्ट की याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट में लाने का सुझाव
सुप्रीम कोर्ट ने यह सुझाव भी दिया कि देशभर के विभिन्न हाईकोर्टों में लंबित वक्फ अधिनियम से जुड़ी याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया जाए, ताकि एक समान फैसला हो सके।

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