होशियारपुर: पंजाब के पूर्व उद्योग मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा की परेशानियां एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। लंबे समय से जांच एजेंसियों के रडार पर चल रहे अरोड़ा के होशियारपुर स्थित आवास पर गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग की संयुक्त टीम ने छापा मारा। कार्रवाई के दौरान घर में मौजूद दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की गहन जांच की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तड़के सुबह भारी सुरक्षा बलों के साथ पहुंची जांच टीम ने आवास के सभी प्रवेश और निकास द्वार सील कर दिए। इस दौरान किसी को भी घर के अंदर या बाहर आने-जाने की अनुमति नहीं दी गई। टीम ने मोबाइल फोन, लैपटॉप सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को कब्जे में लेकर वित्तीय रिकॉर्ड की छानबीन शुरू कर दी। अचानक हुई इस कार्रवाई से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामलों में जांच
पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा पहले से ही दो गंभीर भ्रष्टाचार मामलों में जांच का सामना कर रहे हैं। उन पर औद्योगिक भूखंडों के आवंटन में अनियमितताओं और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप हैं। इन मामलों में सतर्कता विभाग द्वारा उनकी गिरफ्तारी भी की जा चुकी है। अब ED की छापेमारी से संकेत मिल रहे हैं कि जांच मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू तक पहुंच गई है।
जांच का आधार क्या है
सूत्रों के मुताबिक, मंत्री पद पर रहते हुए अरोड़ा पर अपने पद का दुरुपयोग कर कुछ कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोप हैं। इसके अलावा, एक वरिष्ठ अधिकारी को 50 लाख रुपये की रिश्वत देने के प्रयास में पकड़े जाने का मामला भी उनके खिलाफ दर्ज है। आयकर विभाग उनके बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और ज्ञात आय की तुलना में अर्जित संपत्तियों की बारीकी से जांच कर रहा है।
फिलहाल जांच जारी है और किसी बड़ी बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि यदि बेनामी संपत्तियों या हवाला लेन-देन से जुड़े ठोस सबूत सामने आते हैं, तो आने वाले दिनों में अरोड़ा की गिरफ्तारी से इनकार नहीं किया जा सकता। जांच एजेंसियां उनके करीबी सहयोगियों और व्यावसायिक साझेदारों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं।