सुगौली,पू च: एईएस/जेई अर्थात चमकी बुखार से बचाव और रोकथाम को लेकर सोमवार को प्रखण्ड के सभागार में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की एक बैठक संपन्न हुई। बैठक में विशेष कर चमकी बुखार के लक्षण और उसके रोकथाम से संबंधित बातें सेविकाओं को बताई गई।चमकी की धमकी से बचाव को लेकर तीन उपाय जगाओ,खिलाओ और अस्पताल पहुंचाओ का नारा दिया गया।
बताया गया कि यह बीमारी पन्द्रह वर्ष से कम उम्र के बच्चों में ज्यादा पायी जाती है। जिसको लेकर रात में बच्चों को भूखे पेट नही सोने देना चाहिए।इसलिए बच्चों को जगाना,फिर खिलाना आवश्यक होता है। फिर भी बच्चा अगर चमकी बुखार के चपेट में आ जाता है तो उसे कम से कम समय में नजदीक के अस्पताल में पहुंचना चाहिए।जहां उसका उचित इलाज कर उसे इस बीमारी से बचाया जा सके।
बैठक में आईसीडीएस के प्रखंड समन्वयक मो कामरान आलम,यूनिसेफ़ के प्रखंड समन्वयक रवि श्रीवास्तव, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के विशेषज्ञ तथा सभी महिला पर्यवेक्षिकाएँ लक्की कुमारी, हुस्ने आरा,बबीता कुमारी, प्रियदर्शिनी कुमारी एवं ज्योति कुमारी उपस्थित रही।