नई दिल्ली- प्रधानमंत्री Narendra Modi की नॉर्वे यात्रा के दौरान भारत और नॉर्वे के बीच विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए पांच अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों का फोकस ग्रीन एनर्जी, सतत विकास, समुद्री तकनीक, नवाचार और भू-विज्ञान सहयोग पर रहेगा।
इन समझौतों का उद्देश्य दोनों देशों के बीच संस्थागत साझेदारी को मजबूत करना, उद्योग और स्टार्टअप सहयोग को बढ़ावा देना, शैक्षणिक आदान-प्रदान बढ़ाना और सतत विकास परियोजनाओं को गति देना है।
सबसे महत्वपूर्ण समझौता डीएसआईआर/सीएसआईआर और नॉर्वे की रिसर्च काउंसिल ऑफ नॉर्वे (आरसीएन) के बीच हुआ है। इसके तहत रिसर्च, टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट, इनोवेशन और क्षमता निर्माण में सहयोग बढ़ाया जाएगा। समझौते में संयुक्त कार्यशालाएं, रिसर्च एवं डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स, वैज्ञानिकों के एक्सचेंज प्रोग्राम और जलवायु परिवर्तन, स्वच्छ ऊर्जा, समुद्री अनुसंधान तथा स्वास्थ्य सेवाओं जैसे वैश्विक मुद्दों पर मिलकर काम करने की व्यवस्था की गई है।
इसके अलावा, सीएसआईआर ने नॉर्वे की प्रमुख रिसर्च संस्था एसआईएनटीईएफ के साथ 2026 से 2029 तक के लिए नया सहयोग समझौता किया है। यह साझेदारी सर्कुलर इकोनॉमी और सस्टेनेबिलिटी ट्रांजिशन पर केंद्रित होगी। इसके तहत बायो-बेस्ड मैटेरियल, ओशन एनर्जी, ऑफशोर विंड, कार्बन कैप्चर, स्टोरेज और वेस्ट मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में संयुक्त रिसर्च और इनोवेशन कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
एक अन्य समझौते के तहत कई सीएसआईआर संस्थानों और एसआईएनटीईएफ संस्थाओं के बीच समुद्री ऊर्जा और ऑफशोर विंड एनर्जी तकनीकों पर प्रोजेक्ट आधारित सहयोग किया जाएगा। इसमें सीएसआईआर-स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग रिसर्च सेंटर, सीएसआईआर-नेशनल एयरोस्पेस लैबोरेट्रीज, सीएसआईआर-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओशनोग्राफी और सीएसआईआर-फोर्थ पैराडाइम इंस्टीट्यूट शामिल हैं।
नॉर्वे की ओर से एसआईएनटीईएफ ओशन, एसआईएनटीईएफ डिजिटल, एफएमई नॉर्थविंड और एसआईएनटीईएफ कम्युनिटी इस साझेदारी का हिस्सा होंगे। इस संयुक्त कार्यक्रम का मकसद भारत की ऑफशोर रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता को मजबूत करना और देश के कार्बन न्यूट्रैलिटी लक्ष्यों को समर्थन देना है।
परियोजना के तहत फ्लोटिंग ऑफशोर विंड टेक्नोलॉजी, ऊर्जा लागत में कमी, सस्टेनेबिलिटी स्टैंडर्ड, ईएसजी फ्रेमवर्क, पायलट प्रोजेक्ट, स्किल डेवलपमेंट और औद्योगिक विकास पर विशेष रूप से काम किया जाएगा। इस पहल के लिए सीएसआईआर करीब 3.41 करोड़ रुपये की फंडिंग सहायता भी देगा।
इसके अलावा “ग्रीन शिफ्ट के लिए विज्ञान, तकनीक और नवाचार सहयोग” शीर्षक से एक संयुक्त घोषणा पत्र पर भी हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता सीएसआईआर, एकेडमी ऑफ साइंटिफिक एंड इनोवेटिव रिसर्च (एसीएसआईआर) और नॉर्वेजियन यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (एनटीएनयू) के बीच हुआ।
इस घोषणा पत्र के तहत सस्टेनेबिलिटी, सर्कुलर इकोनॉमी, ओशन साइंस एंड टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर और सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही छात्र और फैकल्टी एक्सचेंज, संयुक्त रिसर्च गतिविधियां, अकादमिक सेमिनार और साझा शैक्षणिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।