बिहार: बरसात के मौसम में आम लोगों को सड़क संबंधी परेशानियों से निजात दिलाने के उद्देश्य से ग्रामीण कार्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में अधिवेशन भवन सभागार में ग्रामीण सड़क सुदृढ़ीकरण एवं प्रबंधन कार्यक्रम को लेकर एक अहम संवाद सत्र आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता मंत्री अशोक चौधरी ने की। इस सत्र में राज्य भर से आए संवेदक और जिला स्तरीय विभागीय अधिकारी शामिल हुए।
मंत्री अशोक चौधरी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जून महीने से पहले राज्य की सभी ग्रामीण सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जाए, ताकि मानसून के दौरान आवागमन में कोई बाधा न आए। उन्होंने सड़क निर्माण की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही और स्पष्ट किया कि लापरवाही या समयसीमा का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संवेदकों के भुगतान की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर भी जोर दिया।
अपर मुख्य सचिव ने संवाद सत्र में कहा कि कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सभी परियोजनाओं को समय पर पूरा करना विभाग की प्राथमिकता है। इस वर्ष 2024-25 के दौरान 14087 ग्रामीण पथों (कुल लंबाई 24482 किमी) को स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 6374 पथों पर कार्य शुरू किया जा चुका है।
अभियंता प्रमुख-सह-अपर आयुक्त भगवत राम ने बताया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क सुदृढ़ीकरण एवं प्रबंधन कार्यक्रम के तहत उन सड़कों को सात वर्षों तक मानक अनुरूप बनाए रखने की योजना है, जिनकी पंचवर्षीय अनुरक्षण अवधि समाप्त हो चुकी है। इस अवधि में दो बार कालीकरण (री-सर्फेसिंग) किया जाएगा।
इस संवाद सत्र में विशेष सचिव उज्ज्वल कुमार सिंह, अभियंता प्रमुख निर्मल कुमार समेत विभाग के कई वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।