वॉशिंगटन डीसी: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई जीवित हैं और अमेरिका-ईरान के बीच चल रही शांति वार्ताओं में पहले से अधिक सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। अमेरिकी सीनेट की विदेश संबंध समिति को संबोधित करते हुए रुबियो ने कहा कि ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि तेहरान का शीर्ष नेतृत्व क्षेत्रीय तनाव और कूटनीतिक प्रयासों के बीच लगातार सक्रिय है।
रुबियो ने सांसदों से कहा, “ऐसे संकेत हैं कि मोजतबा खामेनेई किसी न किसी स्तर पर पहले की तुलना में अधिक सक्रिय रूप से शामिल हो रहे हैं।”
मोजतबा खामेनेई को लेकर पिछले कुछ समय से अटकलें लगाई जा रही थीं। फरवरी में हुए एक हमले में उनके पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई सहित कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की मौत हो गई थी, जबकि मोजतबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद से उनकी सार्वजनिक उपस्थिति बेहद सीमित रही, जिससे उनके स्वास्थ्य और राजनीतिक भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे थे।
हालांकि, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के हवाले से आई रिपोर्टों के अनुसार, खामेनेई अभी भी ईरान की युद्ध और सुरक्षा रणनीतियों को तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर प्रमुख फैसले ले रहे हैं।
पिछले महीने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भी कहा था कि इस्लामिक गणराज्य ईरान में सुप्रीम लीडर की अनुमति के बिना कोई बड़ा निर्णय नहीं लिया जाता। उन्होंने जोर देकर कहा था कि सरकार के सभी महत्वपूर्ण फैसले और नीतियां देश के सर्वोच्च नेतृत्व के अनुरूप ही बनाई जाती हैं।
इस बीच, मार्को रुबियो ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही वार्ताओं पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि बातचीत का अगला चरण बेहद तकनीकी होगा और इसे अंतिम रूप देने में कई महीने लग सकते हैं।
रुबियो के मुताबिक, ईरान को कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाने होंगे, जिनमें रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य को तय शर्तों के तहत फिर से खोलना और उच्च स्तर पर समृद्ध यूरेनियम के भविष्य को लेकर स्पष्ट समझौता करना शामिल है।
उन्होंने कहा कि ईरान को अपने देश में यूरेनियम संवर्धन गतिविधियों पर दीर्घकालिक और कड़े प्रतिबंधों अथवा उन्हें समाप्त करने पर बातचीत के लिए भी तैयार होना होगा।
रुबियो ने कहा, “ये बेहद जटिल और तकनीकी मुद्दे हैं, जिन्हें कुछ दिनों में हल नहीं किया जा सकता। इसके लिए विशेषज्ञों की टीमों को 30, 60 या 90 दिनों तक बैठकर विस्तृत चर्चा करनी पड़ सकती है।”
अमेरिका और ईरान के बीच जारी शांति वार्ता को क्षेत्रीय स्थिरता और परमाणु कार्यक्रम के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच होने वाली आगामी बातचीत पर दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।