मुंबई: अभिनेता रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्डतोड़ सफलता हासिल कर चुकी है। दिसंबर 2025 में रिलीज हुई फिल्म के पहले भाग ने दुनिया भर में 1,300 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की, जबकि मार्च 2026 में रिलीज हुए दूसरे भाग ने 1,800 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया। दोनों फिल्मों का कुल कलेक्शन करीब 3,000 करोड़ रुपये पहुंच चुका है।
फिल्म को लेकर पहले खबरें आई थीं कि रणवीर सिंह ने ‘धुरंधर’ के लिए 50 करोड़ रुपये फीस ली थी, लेकिन अब फिल्म की निर्माता ज्योति देशपांडे ने इस दावे का खंडन करते हुए बड़ा खुलासा किया है।
एक इंटरव्यू में ज्योति देशपांडे ने बताया कि रणवीर सिंह ने फिल्म के लिए भारी फीस लेने के बजाय बैकएंड प्रॉफिट-शेयरिंग मॉडल चुना था। इसके तहत उन्होंने कम अग्रिम फीस ली और फिल्म की कमाई में हिस्सेदारी लेने का फैसला किया।
देशपांडे ने बताया कि निर्देशक आदित्य धर ने भी इसी मॉडल को अपनाया था। दोनों ने फिल्म के वित्तीय जोखिम को निर्माताओं के साथ साझा किया और फिल्म की सफलता के बाद मुनाफे में हिस्सा प्राप्त किया।
उन्होंने कहा, “रणवीर ने कम अग्रिम फीस ली और फिल्म की कमाई में हिस्सा लिया। आदित्य ने भी अपनी फीस कम की और हमारे साथ जोखिम साझा किया।”
निर्माता के अनुसार, यह रणनीति पूरी टीम के लिए फायदेमंद साबित हुई क्योंकि फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त प्रदर्शन किया। शुरुआत में ‘धुरंधर’ को एक ही फिल्म के रूप में बनाया जाना था, लेकिन बाद में इसकी कहानी और स्केल को देखते हुए इसे दो भागों में रिलीज करने का फैसला किया गया।
ज्योति देशपांडे ने यह भी खुलासा किया कि फिल्म का बजट निर्माण के दौरान लगभग दोगुना हो गया था। हालांकि बढ़ती लागत के बावजूद निर्माताओं ने फिल्म के बड़े विजन पर भरोसा जताया और निवेश जारी रखा।
उन्होंने बताया कि पहले शूटिंग शेड्यूल के बाद टीम को महसूस हुआ कि कहानी और शूट किए गए फुटेज इतने व्यापक हैं कि उन्हें दो फिल्मों में प्रस्तुत किया जा सकता है। इसके बाद ‘धुरंधर’ को दो भागों वाली फ्रेंचाइजी में बदलने का निर्णय लिया गया।
निर्माता के मुताबिक, यह फैसला फिल्म के लिए गेम-चेंजर साबित हुआ और दोनों भागों को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला। रणवीर सिंह और आदित्य धर की यह जोखिम साझा करने वाली रणनीति अब बॉलीवुड में एक सफल बिजनेस मॉडल के रूप में देखी जा रही है।