मंगलवार, 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम अचानक गोलियों की आवाज़ से गूंज उठा। जानकारी के अनुसार, बैसरन घाटी के ऊपरी इलाके में स्थित एक रिसॉर्ट पर आतंकियों ने अचानक अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
यह इलाका आमतौर पर शांत और सुरक्षित माना जाता था और बड़ी संख्या में पर्यटक यहां घूमने आते हैं। घटना के समय भी कई पर्यटक रिसॉर्ट में ठहरे हुए थे। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस आतंकी हमले में चार से पांच पर्यटक घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना के तुरंत बाद सुरक्षाबलों ने इलाके को चारों ओर से घेर लिया और सघन सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। आसपास के इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और स्थानीय निवासियों से घरों में ही रहने की अपील की गई है।
पुलिस और सुरक्षाबलों के अनुसार, यह हमला पर्यटन सीज़न के दौरान अशांति फैलाने की एक सोची-समझी साजिश हो सकती है। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमलावर किस संगठन से जुड़े हैं और वे किस रास्ते से इलाके में घुसे।
इस घटना के बाद पूरे पहलगाम क्षेत्र में दहशत का माहौल है। प्रशासन ने पर्यटकों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त बलों की तैनाती कर दी है और उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
हिंदू नाम सुनते ही दागी गोलियां
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकवादी हमले में घायल हुए लोगों ने बताया कि आतंकवादियों के एक गुट ने सैर-सपाटा के दौरान मैगी खा रहे सैलानियों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। आतंकवादियों ने टूरिस्ट का नाम पूछकर अपनी हैवानियत दिखाई। घायलों और मौके पर मौजूद लोगों ने कैमरे पर बताया है कि आतंकवादियों ने पहले सैलानियों से उनका नाम पूछा और हिंदू नाम सुनने के बाद गोली मार दी।
जैसे-जैसे इस मामले में नई जानकारियां सामने आएंगी, स्थिति पर नजर रखी जा रही है।