हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के संरक्षक और केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी राज्यसभा की एक सीट को लेकर लगातार अपनी मांग दोहरा रहे हैं। गया के बाद अब जहानाबाद पहुंचे मांझी ने एक बार फिर खुलकर कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उनकी पार्टी को दो लोकसभा सीट और एक राज्यसभा सीट देने का वादा किया था, जिसे अब तक पूरा नहीं किया गया।
जहानाबाद में मीडिया से बातचीत के दौरान मांझी ने कहा कि उनकी पार्टी के साथ वादाखिलाफी की गई है और उसे कम करके आंका जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर वादा पूरा नहीं हुआ तो वे चुप बैठने वाले नहीं हैं। मांझी ने बताया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी को सिर्फ एक सीट मिली और राज्यसभा की सीट नहीं दी गई। हालांकि, एनडीए के अनुशासित सिपाही होने के नाते उन्होंने एक सीट पर संतोष किया और जीत के बाद केंद्र में मंत्री बनाए जाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार भी जताया।
मांझी ने राज्यसभा की एक सीट की मांग को पूरी तरह जायज बताते हुए कहा कि पुराने वादे के अनुसार उन्हें राज्यसभा में स्थान मिलना ही चाहिए। उन्होंने बताया कि इसी कारण उन्होंने अपने बेटे और पार्टी नेता संतोष सुमन को राज्यसभा सीट के लिए अपना अधिकार मांगने की सलाह दी थी। यहां तक कि उन्होंने संतोष सुमन को मंत्री पद छोड़कर राज्यसभा की दावेदारी करने का सुझाव भी दिया था, जिसे वे गया और अब जहानाबाद में दोहरा चुके हैं।
गौरतलब है कि 9 अप्रैल 2026 को बिहार से राज्यसभा की पांच सीटें खाली होने वाली हैं। इनमें से दो सीटें जेडीयू, दो आरजेडी और एक राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा की हैं। जीतनराम मांझी इन्हीं में से एक सीट पर दावा ठोक रहे हैं।
एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने जहानाबाद पहुंचे मांझी ने यह भी कहा कि उनकी आस्था एनडीए गठबंधन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति पूरी तरह कायम है, लेकिन पार्टी की मजबूती के लिए सीटों की जरूरत है।
उपेंद्र कुशवाहा पर साधा निशाना
उपेंद्र कुशवाहा की नसीहतों पर कटाक्ष करते हुए मांझी ने कहा कि वे खुद सांसद बन गए, पत्नी को विधायक बना दिया और बेटे को मंत्री बना दिया, जबकि उन्हें नसीहत दे रहे हैं। मांझी ने साफ किया कि उनकी पार्टी को अभी भी निर्दलीय की तरह देखा जाता है, जबकि वे एक मजबूत और मान्यता प्राप्त पार्टी के रूप में पहचान बनाना चाहते हैं। इसी उद्देश्य से वे सीट और वोट दोनों के लिए अपनी मांग मजबूती से रख रहे हैं।