बिहार के मधुबनी जिले से बड़ी खबर सामने आई है। झंझारपुर संगठन के राष्ट्रीय जनता दल (RJD) जिलाध्यक्ष बीर बहादुर राय को फुलपरास थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी लगभग 10 साल पुराने दुराचार के मामले में की गई है, जिसमें अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था।
बीर बहादुर राय जगतपुर गांव के रहने वाले हैं और झंझारपुर संगठन में RJD की कमान संभाल रहे थे। RJD ने मधुबनी जिले में झंझारपुर और मधुबनी को अलग-अलग संगठन के रूप में गठित किया है, जिसमें बीर बहादुर झंझारपुर के प्रमुख नेता माने जाते थे। उनकी गिरफ्तारी की खबर फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी मच गई। वहीं, कुछ लोग इसे विधानसभा चुनाव से पहले की राजनीतिक साजिश बता रहे हैं।
यह मामला साल 2015 का है। जगतपुर गांव की एक महिला ने बीर बहादुर राय और कुछ अन्य लोगों पर दुराचार का आरोप लगाया था। शिकायत के बाद मामला अदालत में पहुंचा और लंबे समय से सुनवाई चल रही थी। हाल ही में अदालत ने गैर-जमानती वारंट जारी किया था, जिसके बाद पुलिस ने बीर बहादुर की तलाश कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
फुलपरास DSP अमित कुमार ने बताया, “यह पुराना और गंभीर मामला है। कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई की गई है। हमें उनके राजनीतिक संबंध की जानकारी नहीं है, लेकिन गिरफ्तारी पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई है।” उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव को ध्यान में रखते हुए पुराने मामलों को निपटाने और वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी अभियान चलाया जा रहा है।
वहीं, RJD नेताओं ने इस गिरफ्तारी पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि चुनाव से ठीक पहले की गई यह कार्रवाई संदेहास्पद लगती है। बीर बहादुर के समर्थक भी इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं। फिलहाल, बीर बहादुर राय को अदालत में पेश किया जाएगा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मधुबनी और झंझारपुर सीटों पर RJD का मजबूत आधार रहा है, ऐसे में यह गिरफ्तारी पार्टी के लिए चुनावी झटका साबित हो सकती है।