कैमूर जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मदुरना गांव में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब खेल-खेल में आठ बच्चों ने डीजल प्लांट का फल तोड़कर उसके बीज खा लिए। बीज खाने के कुछ समय बाद ही बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।
बीमार पड़ने वाले बच्चों में पिंटू राम की 5 वर्षीय पुत्री लाडो कुमारी और 8 वर्षीय पुत्री ट्विंकल कुमारी, सोमारू राम के 7 वर्षीय पुत्र आशीर्वाद कुमार और 8 वर्षीय पुत्र कृष कुमार, दुलारचन राम के 5 वर्षीय पुत्र अभिषेक कुमार और 9 वर्षीय पुत्र आदित्य कुमार, लोटन राम की 12 वर्षीय पुत्री खुशी कुमारी तथा प्रवीण कुमार राम के 8 वर्षीय पुत्र अरुण कुमार शामिल हैं।
परिजनों के अनुसार, सभी बच्चे गांव के पूर्वी पोखरे के पास खेल रहे थे। इसी दौरान वहां लगे डीजल प्लांट के पौधे से फल तोड़कर उन्होंने उसके बीज खा लिए। करीब एक घंटे बाद बच्चों को उल्टी, चक्कर और अन्य परेशानी होने लगी। आनन-फानन में उन्हें पहले चैनपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी को भभुआ सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। सदर अस्पताल में बच्चों को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया।
सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. त्रिभुवन नारायण ने बताया कि सभी बच्चे अब खतरे से बाहर हैं और उनकी स्थिति स्थिर है। उन्होंने कहा कि इलाज जारी है और सभी बच्चे जल्द पूरी तरह स्वस्थ हो जाएंगे। डॉक्टरों ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों को अज्ञात पौधों, फलों और बीजों से दूर रखें, क्योंकि कई जंगली पौधे जहरीले होते हैं। डीजल प्लांट के बीज विशेष रूप से बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं।
यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी को उजागर करती है और सतर्कता बरतने की आवश्यकता पर जोर देती है।