बिहार: सरकारी खजाने की लूट में शामिल एक भ्रष्ट अधिकारी पर नीतीश सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी रहे चंद्रशेखर झा ने अपने कार्यकाल के दौरान सरकारी बैंक खाते से लगभग 4.50 करोड़ रुपये अवैध रूप से सृजन महिला विकास समिति के खाते में ट्रांसफर किए थे। इस घोटाले को लेकर सीबीआई ने वर्ष 2018 में उनके खिलाफ केस दर्ज किया था। 2024 में सरकार ने अभियोजन की स्वीकृति दे दी थी और अब रिटायर्ड अधिकारी पर कड़ी सजा लागू कर दी गई है।
4.5 करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा
सीबीआई की जांच में पाया गया कि भागलपुर जिले के पीरपैंती प्रखंड में बीडीओ रहते हुए चंद्रशेखर झा ने सरकारी धन की बड़े पैमाने पर हेराफेरी की। उन्होंने निजी लाभ के लिए विभिन्न चेकों के माध्यम से करोड़ों रुपये सृजन महिला विकास सहयोग समिति के खाते में अवैध रूप से स्थानांतरित किए। जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने अपनी पत्नी बबीता झा के नाम वसुंधरा, गाजियाबाद में बुक फ्लैट का भुगतान इसी अवैध धन से किया। साथ ही समिति में खाता खुलवाने से जुड़े दस्तावेज भी मिले। सीबीआई ने 16 अगस्त 2018 को उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था और बाद में विधि विभाग ने 4 अक्टूबर 2024 को अभियोजन की अनुमति दे दी थी।
100% पेंशन कटौती का फैसला
सेवानिवृत्त अधिकारी चंद्रशेखर झा पर सरकारी खाते से 4 करोड़ 52 लाख 88 हजार 200 रुपये की अवैध निकासी के आरोप सिद्ध माने गए हैं। भागलपुर के जिलाधिकारी ने 12 जुलाई 2025 को आरोप पत्र तैयार कर सामान्य प्रशासन विभाग को भेजा था। विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बड़ा कदम उठाते हुए उनकी पेंशन में 100% कटौती का आदेश जारी कर दिया है।
नीतीश सरकार की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।