बिहार में नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा फेरबदल, कई को Z श्रेणी तो कुछ की सुरक्षा हुई कम

Major changes in the security arrangements for leaders in Bihar; several leaders have been given Z-category security, while the security of others has been reduced.

पटना से इस वक्त की बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है। बिहार सरकार ने राज्य के कई प्रमुख नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था में अहम बदलाव किए हैं। जहां कुछ नेताओं की सुरक्षा बढ़ाई गई है, वहीं कुछ की सुरक्षा में कटौती की गई है। इसके अलावा कुछ नेताओं की सुरक्षा पूरी तरह हटा भी ली गई है। इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

सरकार ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की सुरक्षा बढ़ाते हुए उन्हें Z श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है। इसके साथ ही जेडीयू सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, बीजेपी सांसद संजय सरावगी और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को भी Z कैटेगरी की सुरक्षा दी गई है।

वहीं दूसरी ओर, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव की सुरक्षा में कटौती की गई है। अब उन्हें Y+ श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। उन्हें Y श्रेणी से बढ़ाकर Y+ श्रेणी की सुरक्षा दी गई है।

इधर, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा, बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम की सुरक्षा हटा ली गई है। सुरक्षा व्यवस्था में किए गए इन बदलावों को लेकर राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

कितनी तरह की होती है सुरक्षा श्रेणी?
भारत में प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, सांसद, विधायक, नौकरशाह, जज, खिलाड़ी, फिल्मी हस्तियां, संत-महात्मा और विशेष परिस्थितियों में आम नागरिकों को खतरे के आकलन के आधार पर सुरक्षा प्रदान की जाती है। देश में कुल पांच तरह की सुरक्षा श्रेणियां निर्धारित हैं—Z+, Z, Y+, Y और X।

क्या होती है Z श्रेणी की सुरक्षा?
Z श्रेणी की सुरक्षा को उच्च स्तरीय सुरक्षा माना जाता है। इसमें कुल 22 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं, जिनमें 4 से 6 एनएसजी कमांडो और अन्य पुलिसकर्मी शामिल होते हैं। इसके अलावा इस सुरक्षा में CRPF, ITBP या राज्य पुलिस के जवान भी शामिल रहते हैं। देश के अधिकांश मुख्यमंत्रियों को Z श्रेणी की सुरक्षा मिली होती है।

सुरक्षा का खर्च कौन उठाता है?
जिस व्यक्ति को उच्च श्रेणी की सुरक्षा दी जाती है, उसके साथ सुरक्षाकर्मियों के अलावा सुरक्षा वाहन भी उपलब्ध कराए जाते हैं, जिससे यह व्यवस्था काफी खर्चीली हो जाती है। इस सुरक्षा पर होने वाला पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करती है। बाबा रामदेव, आमिर खान, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और तिब्बत के धार्मिक गुरु दलाई लामा को भी Z कैटेगरी की सुरक्षा प्राप्त है।

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