बिहार सरकार का बड़ा फैसला: मंत्रियों, न्यायाधीशों, DM-SP समेत वरिष्ठ अधिकारियों के सरकारी वाहनों की खरीद सीमा बढ़ी

Major decision by the Bihar government: Purchase limit for official vehicles of senior officials—including ministers, judges, DMs, and SPs—raised

पटना: बिहार सरकार ने मंत्रियों, न्यायाधीशों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के लिए सरकारी वाहनों की खरीद को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने विभिन्न श्रेणियों के अधिकारियों के लिए सरकारी वाहन खरीदने की अधिकतम वित्तीय सीमा (सीलिंग) में बढ़ोतरी कर दी है। नई व्यवस्था के तहत अब मंत्री, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, जिला पदाधिकारी (DM), पुलिस अधीक्षक (SP) और अन्य वरिष्ठ अधिकारी पहले की तुलना में अधिक कीमत वाले वाहन खरीद सकेंगे। यह निर्णय बढ़ती वाहन लागत और वर्तमान बाजार मूल्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

किन-किन अधिकारियों को मिलेगा लाभ?

राज्य सरकार के नए फैसले का लाभ मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद के सदस्य, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, विभागाध्यक्ष, प्रमंडलीय आयुक्त, जिला पदाधिकारी (DM), पुलिस अधीक्षक (SP) और अन्य पात्र अधिकारियों को मिलेगा। प्रत्येक श्रेणी के अधिकारियों के लिए अलग-अलग वाहन खरीद सीमा निर्धारित की गई है।

बढ़ती कीमतों को देखते हुए लिया गया फैसला

सरकार का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में चार पहिया वाहनों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में पहले निर्धारित वित्तीय सीमा के भीतर आवश्यक सुविधाओं वाले वाहन खरीदना मुश्किल हो रहा था। इसी वजह से वाहन खरीद सीमा में संशोधन किया गया है, ताकि अधिकारियों को सरकारी कार्यों के अनुरूप उपयुक्त वाहन उपलब्ध कराए जा सकें।

वित्त विभाग ने जारी किया आदेश

इस संबंध में बिहार सरकार के वित्त विभाग की ओर से अधिसूचना जारी की गई है। आदेश में विभिन्न श्रेणियों के अधिकारियों के लिए वाहन खरीद की नई अधिकतम सीमा निर्धारित की गई है। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू होंगी और भविष्य में वाहन खरीद इन्हीं संशोधित मानकों के अनुसार की जाएगी।

सरकारी खर्च पर रहेगा नियमानुसार नियंत्रण

सरकार ने स्पष्ट किया है कि वाहन खरीद की सीमा बढ़ाए जाने का मतलब अनियंत्रित खर्च नहीं है। सभी विभागों को वाहन खरीद के दौरान निर्धारित वित्तीय नियमों, निविदा प्रक्रिया और सरकारी खरीद संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। आवश्यकता और स्वीकृति के आधार पर ही नए वाहन खरीदे जाएंगे।

प्रशासनिक कार्यों को मिलेगा बेहतर सहयोग

सरकार का मानना है कि आधुनिक और सुरक्षित वाहन उपलब्ध होने से वरिष्ठ अधिकारियों को प्रशासनिक कार्यों के संचालन में सुविधा मिलेगी। कानून-व्यवस्था, निरीक्षण, आपदा प्रबंधन और सरकारी योजनाओं की मॉनिटरिंग जैसे कार्यों में अधिकारियों की आवाजाही अधिक प्रभावी हो सकेगी।

वाहन खरीद नीति को किया गया अपडेट

बिहार सरकार का यह निर्णय सरकारी वाहन खरीद नीति को वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों और बाजार दरों के अनुरूप अपडेट करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नई व्यवस्था के लागू होने के बाद विभाग अपनी आवश्यकता के अनुसार निर्धारित सीमा के भीतर नए वाहनों की खरीद कर सकेंगे।

ये खबरें भी अवश्य पढ़े

Leave a Comment