डोडा/श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद पूरे प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। इसी कड़ी में सोमवार सुबह जम्मू-कश्मीर पुलिस ने डोडा जिले के 13 अलग-अलग स्थानों पर आतंकवादी ठिकानों को ध्वस्त करने और आतंक से जुड़े लोगों के खिलाफ बड़ा छापेमारी अभियान चलाया।
डोडा में यह कार्रवाई उस समय की गई जब पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत और कई अन्य घायल हो गए थे। पुलिस का लक्ष्य किसी भी आतंकवादी साजिशकर्ता, ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) या आतंकियों के सहयोगियों को चिन्हित करना और उन्हें पकड़ना है।
इसी दौरान श्रीनगर में भी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। पूरे शहर में 63 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई। यह तलाशी अभियान कानूनी प्रक्रिया के तहत, कार्यकारी मजिस्ट्रेट और स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में किया गया। तलाशी के दौरान हथियार, संदिग्ध दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए। पुलिस का कहना है कि इसका उद्देश्य आतंक से जुड़ी साजिशों और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के खिलाफ सबूत जुटाना है।
इस आतंकी हमले का असर जम्मू-कश्मीर के पर्यटन उद्योग पर भी स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। कटड़ा होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश वजीर ने बताया कि हमले के बाद 35% तक होटल बुकिंग रद्द हो गई हैं। पहले जहां 45,000 पर्यटक यात्रा में शामिल हो रहे थे, अब यह संख्या घटकर मात्र 20,000 से 22,000 रह गई है।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता के कारण जम्मू-कटरा जैसे प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर बुकिंग लगातार रद्द हो रही हैं। 22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरन मैदान में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिक मारे गए थे, जिनमें एक नेपाली नागरिक भी शामिल था। इस घटना ने भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है। इसके बाद घाटी में सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान और तेज कर दिया है।