-200 से ज्यादा पहलवानों ने दिखाया दमखम, पारंपरिक कुश्ती को मिला नया मंच
जमुई के श्रीकृष्ण स्टेडियम में आयोजित ‘माटी का बल दंगल’ ने शनिवार को खेल प्रेमियों के बीच खास उत्साह पैदा किया। दो दिवसीय इस भव्य आयोजन में राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे 200 से अधिक पहलवानों ने अखाड़े में अपनी ताकत और तकनीक का शानदार प्रदर्शन किया। हजारों दर्शकों की मौजूदगी से स्टेडियम में मेले जैसा माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम में बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनकी उपस्थिति ने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ा दिया और आयोजन की गरिमा को और ऊंचाई दी। उन्होंने अखाड़े में पहुंचकर पहलवानों का अभिवादन किया तथा मुकाबलों का उत्साहपूर्वक आनंद लिया।
अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की भूमि है और राज्य सरकार खेल सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ‘माटी का बल दंगल’ जैसे आयोजन पारंपरिक खेलों को नई पहचान देने के साथ-साथ युवाओं को फिटनेस, अनुशासन और सकारात्मक सोच की प्रेरणा भी देते हैं।
इस अवसर पर खेल मंत्री श्रेयसी सिंह समेत कई खेल अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। खेल मंत्री ने कहा कि सरकार खेल अवसंरचना को सुदृढ़ करने और ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
दंगल में विभिन्न वजन वर्गों में रोमांचक मुकाबले हुए। पहलवानों के बीच जबरदस्त भिड़ंत ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। तालियों और नारों की गूंज के बीच खिलाड़ियों का उत्साह चरम पर रहा। आयोजन में ग्रामीण खेल संस्कृति की सशक्त झलक देखने को मिली।
आयोजकों के अनुसार, यह दंगल 14 फरवरी से शुरू होकर 15 फरवरी तक चलेगा। उनका मानना है कि इस तरह के आयोजनों से न केवल कुश्ती को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि बिहार के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर भी मिलेगा।