मुजफ्फरपुर (बिहार): एल. एन. मिश्रा मैनेजमेंट कॉलेज के 24वें स्थापना दिवस समारोह में भारत के उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने बतौर मुख्य अतिथि भाग लिया। कार्यक्रम में बिहार सरकार के मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता और नीतीश मिश्र ने उपराष्ट्रपति का गरिमामय स्वागत किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में उपराष्ट्रपति ने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय डॉ. जगन्नाथ मिश्रा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके राजनीतिक एवं शैक्षणिक योगदानों को याद करते हुए कहा कि वे बिहार के विकास और शिक्षा क्षेत्र के मजबूत स्तंभ रहे हैं।
🗣️ उपराष्ट्रपति का संबोधन:
उपराष्ट्रपति ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा,
“बिहार की धरती धर्म, ज्ञान और क्रांति की जननी रही है। यहाँ से निकले मनीषियों, चिंतकों और क्रांतिकारियों ने पूरे भारत को दिशा दी है।”
उन्होंने कहा कि बिहार आकर उन्हें नई ऊर्जा और संकल्प की अनुभूति होती है। उन्होंने बिहार की जनता के ज्ञान, उत्साह और जागरूकता की सराहना करते हुए कहा कि यह पूरे देश के लिए प्रेरणास्पद है।
📘 शिक्षा पर विशेष जोर:
उपराष्ट्रपति ने शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि आज के युग में प्रबंधन शिक्षा में नवाचार और वैश्विक दृष्टिकोण जरूरी है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को एक क्रांतिकारी कदम बताया जो छात्रों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करता है।
🏛️ संसदीय जीवन और लोकतंत्र पर विचार:
अपने संसदीय अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ बिताए समय को याद किया और उनकी राजनीतिक परिपक्वता की प्रशंसा की। साथ ही उन्होंने आपातकाल कालखंड को याद करते हुए कहा कि उस समय लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास किया गया था, लेकिन जयप्रकाश नारायण की संपूर्ण क्रांति ने लोकतंत्र को नई दिशा दी।
🇮🇳 राष्ट्रीय और सामरिक मुद्दों पर भी बोले:
अपने भाषण के दौरान उपराष्ट्रपति ने पहली बार पहलगाम घटना और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे सामरिक विषयों पर भी अपने विचार साझा किए, जो उपस्थित लोगों के लिए गंभीर चिंतन का विषय बने।
🎓 छात्रों के लिए संदेश:
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा:
“अपने लक्ष्यों के प्रति समर्पित रहें और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनें। यही सच्ची शिक्षा और राष्ट्र सेवा है।”
यह कार्यक्रम न केवल एक शैक्षिक उत्सव था, बल्कि यह बिहार के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक महत्व की गूंज भी बनकर सामने आया।