नालंदा (बिहार): नालंदा जिले के हरनौत प्रखंड स्थित श्री चांदपुर प्राथमिक विद्यालय में शुक्रवार को मिड-डे मील खाने के बाद करीब 60 बच्चे बीमार पड़ गए। खाना खाने के दो घंटे बाद बच्चों ने पेट दर्द और उल्टी की शिकायत की, जिससे स्कूल प्रशासन में हड़कंप मच गया।
बच्चों ने अंडे को बताया बीमार होने की वजह
बीमार बच्चों का कहना है कि दोपहर के भोजन में परोसे गए उबले अंडे की वजह से उनकी तबीयत बिगड़ गई। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सभी बीमार बच्चों को इलाज के लिए कल्याण विघा रेफरल अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों ने बताया कि सभी बच्चे अब खतरे से बाहर हैं और उनकी हालत स्थिर है।
25 बच्चों को मिली छुट्टी, बाकी का इलाज जारी
इलाज कर रहे डॉक्टर जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि 25 बच्चों को ठीक होने के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि बाकी बच्चों की हालत भी स्थिर है और जल्द ही उन्हें घर भेज दिया जाएगा।
मिड-डे मील की गुणवत्ता पर उठे सवाल, अभिभावकों में आक्रोश
घटना के बाद अभिभावकों में भारी गुस्सा देखा गया। वे स्कूल पहुंचे और मिड-डे मील की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता और सरकार को इस मामले में सख्त कदम उठाने चाहिए।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) राजकुमार ने मिड-डे मील की गुणवत्ता को लेकर जांच के आदेश दिए हैं। भोजन के नमूने प्रयोगशाला में भेजे गए हैं, जहां उनकी जांच की जाएगी। यदि खाने में गड़बड़ी पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अभिभावकों की मांग – मिड-डे मील की नियमित जांच हो
स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने सरकारी स्कूलों में दिए जाने वाले मिड-डे मील की नियमित जांच की मांग की है। प्रशासन ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए निगरानी प्रक्रिया को मजबूत करने का निर्देश दिया है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
👉 सरकार की ओर से यह आश्वासन दिया गया है कि मिड-डे मील की गुणवत्ता सुधारने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।