NEET-UG 2026 विवाद: केंद्र सरकार सख्त, दोबारा परीक्षा से पहले सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी

NEET-UG 2026 Controversy: Central Government Takes Strict Stance; Prepares to Strengthen Security Arrangements Ahead of Re-examination

बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा है कि केंद्र सरकार NEET-UG 2026 परीक्षा में हुई अनियमितताओं की जांच और दोबारा परीक्षा की निष्पक्ष व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि आगामी परीक्षा से पहले छात्रों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान विजय कुमार चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार पूरी गंभीरता के साथ मामले की जांच कर रही है और परीक्षा को पारदर्शी तरीके से दोबारा आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने विपक्ष के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब राहुल गांधी के बयानों को गंभीरता से लेना बंद कर देना चाहिए।

इस बीच, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने संसदीय स्थायी समिति के सामने कहा कि NEET-UG 2026 का पूरा पेपर लीक नहीं हुआ था, बल्कि परीक्षा से पहले केवल कुछ सवाल ही सामने आए थे। अधिकारियों के मुताबिक, परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और लीक-प्रूफ बनाने के लिए कई सुधार लागू किए जा चुके हैं, जबकि बाकी सिफारिशों पर काम जारी है।

संजय सरावगी ने कहा कि मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई है और एजेंसी सक्रियता से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले में कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

वहीं उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी जांच के शुरुआती निष्कर्षों का हवाला देते हुए कहा कि कुछ सवाल जरूर लीक हुए थे, लेकिन पूरा प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ था।

सूत्रों के अनुसार, NTA अधिकारियों और उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी ने संसदीय समिति को बताया कि एजेंसी के सिस्टम से पेपर लीक नहीं हुआ था। साथ ही उन्होंने कहा कि कथित लीक हुए सवालों के प्रसार की जांच CBI कर रही है। एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि परीक्षा रद्द करने का फैसला “ज़ीरो टॉलरेंस” नीति के तहत लिया गया, ताकि परीक्षा प्रणाली पर लोगों का भरोसा बना रहे।

संसदीय समिति ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर भी सवाल किए। बैठक में अगले वर्ष से NEET-UG को कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली में बदलने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, परीक्षा की अवधि और परीक्षा की आवृत्ति जैसे मुद्दे भी शामिल रहे।

समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने बैठक के बाद कहा कि चर्चा बेहद महत्वपूर्ण रही और सदस्य इस मुद्दे को लेकर काफी चिंतित हैं। सूत्रों के मुताबिक, NTA में सुधारों के लिए गठित के. राधाकृष्णन समिति की लगभग 75 प्रतिशत सिफारिशें लागू की जा चुकी हैं।

गौरतलब है कि कथित पेपर लीक विवाद के बाद 12 मई को NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी गई थी। यह परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में आयोजित हुई थी, जिसमें 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था। अब केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने 21 जून को प्रस्तावित दोबारा परीक्षा के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।

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