मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में चर्चित त्विशा शर्मा मौत मामले की सुनवाई के दौरान बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। वकील-पति समर्थ सिंह ने कथित दहेज हत्या मामले में अपनी अग्रिम जमानत (एंटीसिपेटरी बेल) याचिका वापस ले ली है। मामले की सुनवाई जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता वाली पीठ कर रही है।
सुनवाई के दौरान त्विशा शर्मा के पिता की ओर से समर्थ सिंह की मां गिरिबाला सिंह को दी गई अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग की गई। राज्य सरकार ने भी इसी संबंध में अलग अर्जी दाखिल की है।
कोर्ट में समर्थ सिंह के वकील ने बताया कि उनका मुवक्किल पिछले दस दिनों से जांच एजेंसियों से दूर था, लेकिन अब वह सरेंडर करने के लिए तैयार है। इससे पहले समर्थ की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट मृगेंद्र सिंह ने ट्रायल कोर्ट में सरेंडर करने की अनुमति मांगी थी।
हालांकि, तुषार मेहता ने इसका विरोध करते हुए कहा कि आरोपी “फरार” है और उसे सीधे जांच अधिकारी के सामने सरेंडर करना चाहिए। कोर्ट में लंबी बहस के बाद समर्थ सिंह ने अपनी जमानत याचिका वापस लेने का फैसला किया।
मामले में दूसरा पोस्टमॉर्टम कराने की मांग भी उठी। त्विशा के पिता ने दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग करते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि एम्स के डॉक्टरों ने पूरी पेशेवर तरीके से पोस्टमॉर्टम किया है, लेकिन यदि परिवार को लगता है कि कुछ नजरअंदाज हुआ है तो दूसरी राय ली जा सकती है।
वहीं गिरिबाला सिंह के वकील ने कोर्ट से कहा कि शव के अंतिम संस्कार में अधिक देरी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इससे बॉडी खराब होने का खतरा है। मामले की सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से एजी प्रशांत भी मौजूद रहे और पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया समेत अन्य कानूनी पहलुओं पर चर्चा हुई।