नई दिल्ली: देश के कई राज्यों में एक बार फिर कोरोना संक्रमण के मामले सामने आने लगे हैं। हालात यह हैं कि फिलहाल देश में 1047 एक्टिव केस दर्ज किए गए हैं और कोरोना से अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। बीते एक सप्ताह में ही 750 से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं, जिससे एक बार फिर लोगों के मन में लॉकडाउन की आशंका गहराने लगी है।
हालांकि स्वास्थ्य मंत्रालय और विशेषज्ञों की मानें तो फिलहाल लॉकडाउन जैसी कोई योजना नहीं है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि हालात नियंत्रण में हैं और घबराने की जरूरत नहीं है।
मौत के मामलों ने बढ़ाई चिंता
पिछले सात दिनों में कोरोना से मौतों का आंकड़ा बढ़कर सात हो गया है। इन मौतों में महाराष्ट्र के चार, केरल के दो और कर्नाटक का एक व्यक्ति शामिल है। यह स्थिति सरकार और स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है, खासकर त्योहारों और भीड़भाड़ वाले आयोजनों के बीच।
दक्षिण-पूर्व एशिया में भी दिखने लगे नए मामले
भारत ही नहीं, दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ देशों में भी कोरोना फिर से उभरता दिख रहा है। हालांकि इस बार इसके लक्षण अब तक काफी हल्के पाए गए हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए।
सावधानियां जरूरी, लेकिन डरने की जरूरत नहीं
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बार वायरस की गंभीरता कम है, लेकिन बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। मास्क पहनना, हाथ धोना और भीड़भाड़ से बचना जैसी बुनियादी सावधानियों को फिर से अपनाने की सलाह दी गई है।
लोगों के मन में उठ रहे सवाल
जैसे-जैसे केस बढ़ रहे हैं, लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं – क्या फिर से स्कूल, कॉलेज और दफ्तर बंद होंगे? क्या यात्रा पर रोक लगेगी? क्या वैक्सीन की नई डोज की जरूरत होगी? इन सभी सवालों पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा है कि अभी ऐसी कोई जरूरत नहीं है, लेकिन हालात पर नजर रखी जा रही है।
सरकार की अपील है कि लोग घबराएं नहीं, बल्कि जिम्मेदारी से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें ताकि स्थिति नियंत्रण में बनी रहे।