नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता जारी है, लेकिन भारत के लिए कुछ “रेड लाइन्स” हैं जिन पर कोई समझौता नहीं हो सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश अपने किसानों और छोटे उत्पादकों के हितों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानता है।
‘इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2025’ में बोलते हुए जयशंकर ने कहा, “अमेरिका के साथ बातचीत चल रही है, लेकिन हमारी चिंताएं विशेष रूप से किसानों और छोटे उत्पादकों से जुड़ी हुई हैं। सरकार के रूप में हम इनके हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं, और इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं होगा।”
जयशंकर ने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का व्यवहार पारंपरिक नेताओं से अलग है। उन्होंने अमेरिका के व्यापारिक रवैये की आलोचना करते हुए कहा, “यह हास्यास्पद है कि एक व्यापार-समर्थक अमेरिकी प्रशासन, दूसरों पर व्यापार बाधित करने का आरोप लगा रहा है। अगर भारत से तेल या रिफाइंड प्रोडक्ट खरीदने में परेशानी है, तो मत खरीदिए। कोई आपको मजबूर नहीं कर रहा। यूरोप खरीद रहा है, अमेरिका खरीद रहा है, अगर आपको नहीं पसंद तो मत खरीदिए।”
यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है। अमेरिका ने भारत पर 27 अगस्त से अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है, जिससे कुल टैरिफ 50% हो जाएगा। यह कदम भारत के रूस से तेल खरीदने के चलते उठाया गया है।