नई दिल्ली: भगवान शिव के प्रिय रवि प्रदोष व्रत से मार्च का आगाज, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त

New Delhi: March begins with Lord Shiva's favourite Ravi Pradosh fast; know the auspicious and inauspicious times.

नई दिल्ली: नए महीने मार्च की शुरुआत भगवान शिव के प्रिय रवि प्रदोष व्रत के साथ हो रही है। धार्मिक मान्यता है कि प्रदोष व्रत रखने से व्यक्ति को पूर्व जन्मों और वर्तमान जीवन के पापों से मुक्ति मिलती है। हर महीने दो बार पड़ने वाला यह व्रत शिव भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है।

1 मार्च, रविवार का दिन भद्रा से मुक्त है, जिससे इसे शुभ माना जा रहा है। इस दिन किसी भी नए कार्य की शुरुआत शुभ मुहूर्त में की जा सकती है। पंचांग के अनुसार, त्रयोदशी तिथि शाम 7 बजकर 09 मिनट तक रहेगी, इसके बाद चतुर्दशी तिथि आरंभ हो जाएगी।

जानें 1 मार्च के शुभ मुहूर्त

  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:11 बजे से 12:58 बजे तक
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:19 बजे से 6:44 बजे तक
  • अमृत काल: सुबह 6:18 बजे से अगले दिन 2 मार्च को सुबह 7:51 बजे तक
  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:08 बजे से 5:57 बजे तक
  • विजय मुहूर्त: सुबह 5:33 बजे से 6:47 बजे तक

अशुभ मुहूर्त का समय

  • राहुकाल: शाम 4:55 बजे से 6:22 बजे तक
  • गुलिक काल: दोपहर 3:28 बजे से 4:55 बजे तक
  • यमगण्ड काल: दोपहर 12:34 बजे से 2:01 बजे तक
  • दुर्मुहूर्त: शाम 4:49 बजे से 5:25 बजे तक

रविवार को रवि पुष्य योग भी बन रहा है, जिसका शुभ समय सुबह 6:47 बजे से 8:34 बजे तक रहेगा। हालांकि, इस दिन आडल योग नहीं है। वर्ज्य मुहूर्त शाम 8:59 बजे से 10:32 बजे तक रहेगा।

सूर्योदय, सूर्यास्त और दिशाशूल
रविवार को सूर्योदय सुबह 6:47 बजे और सूर्यास्त शाम 6:22 बजे होगा। चंद्रोदय शाम 4:17 बजे होगा, जो अगले दिन 2 मार्च को सुबह 6 बजे तक रहेगा। इस दिन दिशाशूल पश्चिम दिशा में रहेगा, इसलिए इस दिशा में यात्रा करने से बचने की सलाह दी जाती है।

धार्मिक दृष्टि से यह दिन विशेष फलदायी माना जा रहा है, ऐसे में शिव भक्त श्रद्धा और विधि-विधान से व्रत रखकर पूजा-अर्चना कर सकते हैं।

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