नई दिल्ली: बिहार में कथित वोटर लिस्ट गड़बड़ी और चुनावी धांधली (SIR) के खिलाफ विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया ब्लॉक’ ने आज संसद से लेकर सड़क तक जोरदार प्रदर्शन किया। इस विरोध मार्च में शामिल 25 विपक्षी दलों के 300 से अधिक सांसद संसद भवन से चुनाव आयोग मुख्यालय तक पैदल मार्च कर रहे थे, लेकिन उन्हें संसद भवन के बाहर ही रोक दिया गया।
आज जब हम चुनाव आयोग से मिलने जा रहे थे, INDIA गठबंधन के सभी सांसदों को रोका गया और हिरासत में ले लिया गया।
वोट चोरी की सच्चाई अब देश के सामने है।
यह लड़ाई राजनीतिक नहीं – यह लोकतंत्र, संविधान और ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ के अधिकार की रक्षा की लड़ाई है।
एकजुट विपक्ष और देश का हर… pic.twitter.com/SutmUirCP8
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 11, 2025
राहुल-प्रियंका हिरासत में, अखिलेश ने फांदी बैरिकेडिंग
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, संजय राउत, सागरिका घोष सहित कई विपक्षी नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जब पुलिस द्वारा रोके जाने की कोशिश की, तो वह बैरिकेडिंग फांदकर आगे बढ़ गए। उन्हें देख कई अन्य सांसदों ने भी बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की।
Akhilesh Yadav jumping police barricades to protest against the Election Commission on ‘Vote Chori’ is an act of real courage.
This wasn’t just a ‘presentation’ by Rahul Gandhi,the entire INDIA bloc will make it the biggest political issue in the days ahead
Modi should brace up! pic.twitter.com/D956kQNkr0— Arfa Khanum Sherwani (@khanumarfa) August 11, 2025
TMC सांसद मिताली बाग बेहोश, राहुल गांधी ने की मदद
विरोध प्रदर्शन के दौरान तृणमूल कांग्रेस की सांसद मिताली बाग की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह बेहोश हो गईं। मौके पर मौजूद राहुल गांधी और अन्य नेताओं ने उन्हें तुरंत मदद पहुंचाई।
प्रियंका गांधी का हमला – “सरकार कायर है”, राहुल बोले – “हमें पारदर्शी वोटर लिस्ट चाहिए”
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने प्रदर्शन के दौरान कहा, “सरकार डरी हुई है और कायरता दिखा रही है।” वहीं राहुल गांधी ने कहा कि, “देश को एक पारदर्शी और निष्पक्ष वोटर लिस्ट चाहिए। चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी लोकतंत्र पर हमला है।”
पुलिस का बयान – “प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी”
दिल्ली के ज्वाइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस दीपक पुरोहित ने बताया कि हिरासत में लिए गए सभी नेताओं को संसद मार्ग थाने लाया गया है। उन्होंने कहा, “प्रदर्शन की कोई अनुमति नहीं थी, लेकिन हमें पहले से जानकारी थी। अगर वे चुनाव आयोग तक जाना चाहते हैं, तो हम पुलिस व्यवस्था के साथ उन्हें वहां तक ले जा सकते हैं।”
वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर उठा यह मामला अब जोर पकड़ता जा रहा है। विपक्ष का कहना है कि यह सिर्फ एक राज्य की नहीं, लोकतंत्र की विश्वसनीयता से जुड़ी राष्ट्रीय चिंता है।