नई दिल्ली : संचार साथी ऐप (Sanchar Saathi App) इन दिनों देशभर में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। समर्थन और विरोध दोनों के बीच इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। जानकारी के अनुसार, मात्र एक दिन में ऐप की डाउनलोडिंग में 10 गुना तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। आदेश जारी होने से पहले ही 1.5 करोड़ से अधिक लोग यह ऐप डाउनलोड कर चुके थे और अब यह आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है।
सरकार के निर्देश के अनुसार, सभी नए मोबाइल फोन में संचार साथी ऐप प्री-इंस्टॉल रहेगा। जबकि बाजार में पहले से मौजूद डिवाइसों में यह ऐप ओएस सॉफ्टवेयर अपडेट के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा।
इस बीच, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्पष्ट किया कि ऐप को रखना या हटाना पूरी तरह उपभोक्ताओं की व्यक्तिगत पसंद है। उन्होंने कहा कि ऐप की अनिवार्यता केवल मोबाइल निर्माताओं तक सीमित है, आम नागरिकों पर इसका कोई दबाव नहीं है।
उधर, संचार साथी ऐप को लेकर राजनीतिक विवाद भी गहराता जा रहा है। विपक्ष ने इसके खिलाफ आवाज उठाई है, जबकि अब व्यापारिक संगठन CTI ने भी आपत्ति दर्ज कराई है। संगठन ने इस संबंध में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखकर अपना विरोध जताया है।