भोरे/गोपालगंज: 15 साल पूर्व शादी के नियत से अगवा की गई 16 वर्षीय नीतू कुमारी की बारामदी को लेकर पुलिस लगातार प्रयासरत है. लेकिन घटना के 15 साल बाद भी घर से गायब हुई नीतू कुमारी का सुराग पुलिस नहीं लगा पाई. इसको लेकर पुलिस ने पड़ोसी थाने को भी इतला किया लेकिन पुलिस को कामयाबी नहीं मिली. वहीं घटना को लेकर परिजनों का भी अब सब्र का बाध पूरी तरह टूट चुका है.
क्या है मामला……
बता दे की भोरे थाना इलाके के कल्याणपुर टोला लक्ष्मीपुर गांव निवासी राजेंद्र रावत ने अपनी भतीजी नीतू कुमारी के घर से गायब होने के बाद स्थानीय भोरे थाने में 20/11 2010 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी.
जिसमें गांव के ही बुधिया देवी. सजरा खातून सहित नंदलाल यादव पर यह आरोप लगाया था कि इन लोगों के द्वारा शादी के नियत से कुचायकोट थाने के कुचायकोट गांव निवासी योगेंद्र साह के पुत्र राजकुमार साह के साथ भगा दिया गया है. हालांकि पुलिस के द्वारा कांड दर्ज किए गए तकरीबन 15 साल होने को है. लेकिन आज तक पुलिस अपहर्ता को नहीं खोज पाई. अब सवाल उठता है कि आखिर अगवा के 15 साल बाद नाबालिक नीतू को जमीन खा गया या आसमान.
परिजन बोले नहीं है कोई वास्तव मर चुकी होगी..
वहीँ इस मामले में नीतू के चाचा राजेंद्र रावत से बात की गई तो उन्होंने बताया कि घर से 10:00 बजे हुई थी गायब. चार दिन बाद थाने में हमने दर्ज कराई थी प्राथमिकी. आज 15 साल हो गए आज तक उसका पता नहीं चला. केस के आईओ बदलते हैं.तो पुलिस हर बार दरवाजे पर आती है. और पूछताछ कर चली जाती है. अब हम लोगों का भी उससे कोई वास्ता नहीं है. वह मेरे परिवार के लिए मर चुकी है.
वही किशोरी के पिता को लेकर बड़े भाई ने बताया कि वह सूरत में रहकर धागा फैक्ट्री में काम करता है. घटना के बाद से गांव कम ही आना होता है.
क्या कहते हैं थानाध्यक्ष…
वही इस मामले में भोरे थानाध्यक्ष कैप्टन शाहनवाज से बात की गई तो उन्होंने बताया कि पुलिस परिजनों के बताए सभी जगह पर छानबीन कर चुकी है. यहां तक की पड़ोसी थानों को भी घटना को लेकर अवगत कराया गया है. बच्ची का तस्वीर परिजनों के द्वारा नहीं दिए जाने के कारण खोजबीन में समय लगा है. मैं आम लोगों से भी अपील करूंगा कि अगर उन्हें इस घटना के संबंध में अपहर्ता को लेकर कोई जानकारी है तो वह स्थानीय पुलिस को सूचित करें.