वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए अब ऑनलाइन आवेदन की अनुमति: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

Now online application is allowed to add name in voter list: Big decision of Supreme Court

नई दिल्ली – सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक अहम फैसले में वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए ऑनलाइन आवेदन की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि फॉर्म-6 के तहत मांगे गए दस्तावेज़ जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, पासबुक, पानी का बिल आदि ऑनलाइन आवेदन के साथ जमा किए जा सकते हैं।

इस दौरान सुप्रीम कोर्ट में बिहार में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर भी सुनवाई हुई। कोर्ट ने चुनाव आयोग (ECI) को निर्देश दिया कि जिन मतदाताओं का नाम हटाया गया है, उन्हें नाम फिर से जोड़ने के लिए फिजिकल आवेदन के साथ-साथ ऑनलाइन माध्यम से भी आवेदन करने की सुविधा दी जाए।

सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने अदालत को बताया कि 22 लाख वोटर मृत घोषित किए गए हैं, जबकि 7 लाख वोटर्स के नाम दो बार दर्ज हैं। इस पर कोर्ट ने सवाल उठाया कि “हम मान लेते हैं कि 22 लाख वोटर मृत हैं, लेकिन डुप्लीकेट क्यों हैं?” जवाब में आयोग ने कहा कि यह उसकी जिम्मेदारी है कि डबल EPIC (मतदाता पहचान पत्र) ना हो, और जो लोग बिहार से बाहर रहते हुए भी EPIC रखे हुए हैं, उन्हें हटाया जाता है।

जस्टिस सूर्यकांत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि, “राज्य की 12 राजनीतिक पार्टियों में से सिर्फ 3 पार्टियां ही कोर्ट में मौजूद हैं।” कोर्ट ने अपने 14 अगस्त के आदेश को दोहराते हुए स्पष्ट किया कि लोग अब ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, और उन्हें इसके लिए व्यक्तिगत रूप से कहीं जाने की जरूरत नहीं है।

यह फैसला आने वाले चुनावों से पहले मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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