पटना/नालंदा – बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance) को एक बड़ी सफलता मिली है। नालंदा जिले के इस्लामपुर प्रखंड में स्वास्थ्य विभाग के ब्लॉक कम्युनिटी मैनेजर (BCM) आशुतोष कुमार को ₹40,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
घटना की शुरुआत इस्लामपुर वार्ड संख्या-20 की निवासी रशीदा परवीन से हुई, जिन्होंने आशा कार्यकर्ता के पद पर बहाली के लिए आवेदन दिया था। चयन प्रक्रिया के दौरान आरोपी अधिकारी आशुतोष कुमार ने चयन पक्का करने के एवज में ₹40,000 की मांग की।
रशीदा परवीन ने इस भ्रष्टाचार के खिलाफ साहसिक कदम उठाते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की पुष्टि के बाद ब्यूरो की टीम ने पूर्व नियोजित योजना के तहत जाल बिछाया। जैसे ही आशुतोष कुमार ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, टीम ने उसे रंगे हाथ धर दबोचा।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को आवश्यक कागजी कार्रवाई के पश्चात पटना मुख्यालय भेज दिया गया। इस कार्रवाई की खबर से स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। कई कार्यालयों में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल देखा गया, क्योंकि कर्मचारियों को अब यह डर सता रहा है कि कहीं अगली बारी उनकी न हो।
निगरानी ब्यूरो ने साफ संकेत दे दिया है कि भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे अधिकारी कितना भी बड़ा क्यों न हो।