लखनऊ: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) समेत विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि इनके शासनकाल में उत्तर प्रदेश को “बीमार” राज्य बना दिया गया था। उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने उत्तर प्रदेश को प्रगतिशील राज्य में बदल दिया है और अब विकास हर गांव तक पहुंच चुका है।
लखनऊ में उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व में राज्य ने बीते कुछ वर्षों में अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि दशकों से चले आ रहे ठहराव और उपेक्षा का दौर अब समाप्त हो चुका है और विकास की रफ्तार गांव-गांव तक दिखाई दे रही है।
गृह मंत्री ने कहा, “एक समय उत्तर प्रदेश को श्रम का स्रोत माना जाता था, लेकिन आज यह भारत की अर्थव्यवस्था की प्रेरक शक्ति बन रहा है। कांग्रेस, सपा और बसपा ने उत्तर प्रदेश को बीमार राज्य बना दिया था, जबकि भाजपा सरकार ने इसे प्रगतिशील राज्य में बदल दिया है।”
अमित शाह ने यह भी विश्वास जताया कि 15 अगस्त 2047 तक, जब देश आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब उत्तर प्रदेश एक पूर्ण विकसित राज्य बन चुका होगा। उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश भारत का दिल और आत्मा है। यह राज्य अब भारत के विकास इंजन के रूप में उभर रहा है और विकसित भारत का अभिन्न अंग बनेगा।”
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री ने अंतरिक्ष अन्वेषण और नवाचार के क्षेत्र में योगदान के लिए अंतरिक्ष यात्री और भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को ‘उत्तर प्रदेश गौरव’ सम्मान से सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक सहित कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश दिवस हर वर्ष 24 जनवरी को मनाया जाता है। इसी दिन 1950 में संयुक्त प्रांत का नाम बदलकर उत्तर प्रदेश रखा गया था। तब से राज्य ने भारत के राजनीतिक, सांस्कृतिक और सामाजिक परिदृश्य को आकार देने में अहम भूमिका निभाई है। गंगा, यमुना और सरयू जैसी पवित्र नदियों से सुशोभित उत्तर प्रदेश वाराणसी, अयोध्या, मथुरा, प्रयागराज, सारनाथ और कुशीनगर जैसे प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का केंद्र रहा है।
औद्योगिक क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश का योगदान महत्वपूर्ण रहा है, जहां कानपुर जैसे शहर प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरे हैं। वर्ष 2000 में उत्तराखंड के गठन के बाद राज्य के प्रशासनिक स्वरूप में बदलाव आया, लेकिन उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत और विकास में इसकी भूमिका आज भी उतनी ही सशक्त बनी हुई है।