पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। तीन अलग-अलग मामलों में जमानत मिलने के बाद वे बेऊर जेल से रिहा हो गए। गौरतलब है कि 7 फरवरी को पटना के मंदिरी स्थित उनके आवास से गिरफ्तारी के बाद उन्हें जेल भेजा गया था। छह दिन बाद अब वे जेल से बाहर आए हैं।
जेल से रिहा होने के बाद पप्पू यादव ने कहा, “सत्यमेव जयते।” उन्होंने कहा कि वे न्याय और इंसाफ के लिए हमेशा लड़ते रहेंगे और नाइंसाफी व अन्याय को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
समर्थकों में खुशी की लहर
जेल से बाहर आते ही समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान समर्थकों में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला। रिहाई के बाद पप्पू यादव सीधे फुलवारीशरीफ के लिए रवाना हो गए।
गौरतलब है कि गुरुवार को फुलवारीशरीफ में एक कोचिंग संस्थान की चौथी मंजिल से गिरकर एक छात्रा की संदिग्ध मौत हो गई थी। परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। पप्पू यादव मृत छात्रा के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा देने पहुंचे।
“बेटियों के न्याय के लिए लड़ता रहूंगा”
उन्होंने कहा कि वे बिहार की बेटियों के न्याय के लिए संघर्ष करते रहेंगे और पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाकर रहेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें मरवाने की साजिश रची गई थी। उनके अनुसार, दिल्ली, पूर्णिया और पटना के कुछ नेताओं ने इसके पीछे साजिश की।
पप्पू यादव ने कहा कि वे जल्द ही खेमका हत्याकांड और रुपेश हत्याकांड से जुड़े मामलों का खुलासा करेंगे और सच सामने लाएंगे।
“न्यायालय और जनता से बड़ा कोई नहीं”
रिहाई के बाद उन्होंने कहा कि न्यायालय और जनता से बड़ा कोई भगवान नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस दिन उनकी गिरफ्तारी हुई, उसी दिन पुलिस उनके घर पहुंची थी और उन्हें सदन से सात दिनों के लिए अलग किया गया। उन्होंने कहा कि यदि न्यायालय, जनता और मीडिया का साथ नहीं मिलता तो शायद उनकी जान भी जा सकती थी।