पटना: बिहार में बयानबाजी का दौर, सम्राट चौधरी ने प्रशांत किशोर को दिया करारा जवाब

Patna: A war of words erupts in Bihar, Samrat Choudhary gives a befitting reply to Prashant Kishor

बिहार की राजनीति में इन दिनों बयानबाजी का सिलसिला तेजी से चल रहा है। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के हालिया आरोपों का कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रशांत किशोर बार-बार वही पुरानी बातें दोहरा रहे हैं, जिनका कोई नया आधार नहीं है।

लालू सरकार ने की थी साजिश: सम्राट चौधरी
सम्राट चौधरी ने खुलासा किया कि 1995 में एक गैंगवार की घटना के बाद लालू प्रसाद यादव की सरकार ने उनके परिवार को राजनीतिक साजिश का शिकार बनाया था। उस दौरान उनके परिवार के 22 लोगों को जेल भेज दिया गया था। इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने हस्तक्षेप किया और तत्कालीन राज्य सरकार पर जुर्माना लगाया था। इतना ही नहीं, सरकार को इसके लिए माफी भी मांगनी पड़ी थी। चौधरी ने कहा कि यह राजनीतिक बदले की भावना से की गई कार्रवाई थी, जिसका सच किसी से छिपा नहीं है।

“हमेशा सच बोला, जनता के सामने रखा”
डिप्टी सीएम ने कहा कि वे हमेशा पारदर्शिता के साथ अपनी बात रखते आए हैं और आज भी वही सच जनता के सामने दोहरा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लालू प्रसाद की सरकार ने विपक्ष को दबाने और डराने के लिए उनके परिवार पर झूठे मुकदमे दर्ज किए थे। हालांकि, सत्य की जीत हुई और उनके परिवार को न्याय मिला।

प्रशांत किशोर पर पलटवार
सम्राट चौधरी ने प्रशांत किशोर को निशाने पर लेते हुए कहा कि बयानबाजी से पहले तथ्यों की जानकारी हासिल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकप्रियता या सुर्खियों के लिए निराधार आरोप लगाना लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। चौधरी ने जोर देकर कहा कि वे राजनीति में नैतिकता और सच्चाई को प्राथमिकता देते हैं और झूठे आरोपों से डरने वाले नहीं हैं।

सामाजिक न्याय और पारदर्शिता का संघर्ष
डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया कि उनका संघर्ष केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और पारदर्शिता के लिए है। वे चाहते हैं कि बिहार की नई पीढ़ी को सच्चाई का सामना करना सिखाया जाए ताकि भविष्य में अन्याय का इतिहास न दोहराया जाए। उन्होंने कहा कि उनके परिवार के साथ हुए अन्याय को वे बार-बार जनता के सामने रखते रहेंगे।

चौधरी का संदेश
सम्राट चौधरी ने अपने बयान से साफ किया कि वे प्रशांत किशोर की आलोचनाओं को गंभीरता से लेते हैं, लेकिन अपने अनुभवों और संघर्षों को आधार बनाकर जनता को सच्चाई से अवगत कराना चाहते हैं। उनका यह बयान बिहार की राजनीति में नई बहस को जन्म दे सकता है।

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